जबलपुर में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा: सीईओ ने धीमी प्रगति पर जताई चिंता, पोषण पुनर्वास केंद्रों में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने के निर्देश

जबलपुर जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के लिए आज गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभिषेक गहलोत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में स्टॉप डायरिया सह दस्तक अभियान सहित सभी प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों की उपलब्धियों और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय मिश्रा, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. नवीन कोठारी, सभी स्वास्थ्य अधिकारी, और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
सीईओ अभिषेक गहलोत ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत प्राप्त उपलब्धियों की स्वास्थ्य केंद्रवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पाया कि कुछ स्वास्थ्य संस्थाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है। श्री गहलोत ने ऐसी कम प्रगति वाली स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रभारियों से इसका कारण पूछा और उन्हें शीघ्र सुधार करने के सख्त निर्देश दिए।
विशेष रूप से, सीईओ ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRCs) में क्षमता से कम बेड ऑक्यूपेंसी (बिस्तरों का कम उपयोग) होने पर गहरी चिंता व्यक्त की। इस समस्या को दूर करने के लिए, उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और पोषण पुनर्वास केंद्रों में शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने की हिदायत दी। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि कुपोषित बच्चों को समय पर समुचित उपचार मिल सके।







