रादुविवि का 2026-27 बजट पेश: 20 करोड़ से बनेगा नया भवन
डिजिटल सिस्टम और नए कोर्स पर जोर

जबलपुर, यशभारत। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में वर्ष 2026-27 का बजट सोमवार को जनप्रतिनिधियों और विश्वविद्यालय प्रशासन की मौजूदगी में प्रस्तुत किया गया। पूर्व में 24 मार्च को सदस्यों की आपत्तियों के कारण बजट पारित नहीं हो सका था, लेकिन सुझावों के बाद संशोधित रूप में इसे पेश किया गया। कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विधायक लखन घनघोरिया, ओमप्रकाश धुर्वे, अशोक रोहाणी, प्रणय प्रभात पाण्डेय, ओमकार सिंह मरकाम एवं महापौर जगत बहादुर सिंह की उपस्थिति रही। वित्त नियंत्रक सुरेश कतिया ने बजट का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया।बैठक में प्रभारी कुलसचिव प्रो. सुरेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
20 करोड़ से होगा आधारभूत ढांचे का विस्तार
बजट में विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत से नए भवन निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही विभिन्न संकायों में नए कोर्स शुरू करने की योजना भी शामिल है।
कृषि और नर्सिंग भवन को मंजूरी
कृषि विभाग के लिए लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से तीन मंजिला भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है। वहीं नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विभाग के लिए भी लगभग 6 करोड़ की लागत से नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव पास किया गया।
कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा
विश्वविद्यालय कर्मचारियों के लिए लिफ्ट युक्त चार मंजिला आवासीय भवन बनाया जाएगा, जिसमें 40 आवास प्रस्तावित हैं। इस परियोजना की अनुमानित लागत 6 करोड़ रुपए रखी गई है। इसके अलावा पुराने भवनों के नवीनीकरण पर भी खर्च किया जाएगा।
डिजिटल सिस्टम और ई-गवर्नेंस पर फोकस
बजट में डिजिटल मूल्यांकन एवं डिजिटाइजेशन के लिए लगभग 2 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। साथ ही ई-ऑफिस और ई-गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए प्रशासन को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के दौरान हंगामा, एनएसयूआई का प्रदर्शन
बैठक के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष सचिन रजक और हेमंत द्विवेदी के नेतृत्व में छात्रों ने मूलभूत समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। कुछ कार्यकर्ताओं ने सभा कक्ष में प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया, जिससे हल्की झड़प की स्थिति बनी। बाद में जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।







