विधिक सेवा दिवस पर जबलपुर में “न्याय के लिए दौड़”
विधिक जागरूकता प्रदर्शनी,नुक्कड़ नाटक का भव्य आयोजन

जबलपुर,यशभारत। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं कृष्णमूर्ति मिश्र, प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के मार्गदर्शन में रविवार को “विधिक सेवा दिवस” के अवसर पर “न्यायोत्सव” का शुभारंभ किया गया। न्यायोत्सव के प्रथम दिवस पर “न्याय के लिए दौड़ – प्रत्येक कदम कानूनी जागरूकता की ओर” विषय पर आधारित मैराथन दौड़ एवं विधिक जागरूकता प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया।
मैराथन का शुभारंभ कृष्णमूर्ति मिश्र, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्यों, विद्यार्थियों, सामाजिक संस्थाओं तथा नागरिकों में भारी उत्साह देखा गया। पाँच किलोमीटर लंबी मैराथन दौड़ का आरंभ शासकीय मॉडल साइंस कॉलेज ग्राउंड से हुआ, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः कॉलेज परिसर में समाप्त हुई।
इस अवसर पर कृष्णमूर्ति मिश्र ने कहा कि “इस आयोजन का उद्देश्य केवल विधिक जागरूकता का प्रसार करना नहीं है, बल्कि समाज में सामूहिक सहभागिता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा कानून के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता को बढ़ावा देना भी है। न्याय तक सबकी समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों का विधिक रूप से सशक्त होना आवश्यक है।”
कार्यक्रम में श्रीमती शक्ति वर्मा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण;बी.डी. दीक्षित, जिला विधिक सहायता अधिकारी; जिला न्यायाधीश चंद्रकिशोर बारपेटे, श्री अवधेश श्रीवास्तव, सिविल जज देववृत्त सिंह और ऋषिराज मिश्रा सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और विधिक सेवा प्राधिकरण की गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। मैराथन दौड़ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को माननीय अध्यक्ष महोदय द्वारा सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान पर कुशदीप यादव,द्वितीय स्थान पर सीताशरण मिश्रा,और तृतीय स्थान पर सुमित वंशकार रहे। विजेताओं को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

विधिक जागरूकता प्रदर्शनी
मैराथन स्थल पर विधिक जागरूकता प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल अधिकार, उपभोक्ता अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, और विधिक साक्षरता योजनाओं से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई।प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, आमजन और स्वयंसेवी संस्थाएँ शामिल हुईं।
नुक्कड़ नाटक — बाल विवाह के दुष्परिणामों पर जागरूकता

कार्यक्रम के समापन उपरांत जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर “बाल विवाह—एक सामाजिक बुराई” विषय पर एक सशक्त नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।नाटक में बाल विवाह की कानूनी मनाही, इसके सामाजिक और मानसिक दुष्परिणामों तथा बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण की आवश्यकता पर मार्मिक संदेश दिया गया। नाटक ने दर्शकों को यह समझाने का प्रयास किया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह एक बालक-बालिका के भविष्य पर गहरा प्रभाव डालता है। उपस्थित जनसमूह ने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की और बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में समाज को आगे आने का संकल्प लिया।







