
गन्दी नालियों में डाली जा रही पाइपलाइन
प्रगतिशील वार्ड में सड़क अधूरी, बदबू और बीमारी का खतरा
जबलपुर, यश भारत।जबलपुर के रामपुर बंदरिया तिराहा स्थित प्रगतिशील वार्ड में बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति ने स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। क्षेत्र में टूटी पड़ी नालियां, उन्हीं नालियों के भीतर से गुजरती पुरानी और नई पाइपलाइन, अधूरी सड़क और जाम नालियों के कारण लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में नई पानी की पाइपलाइन डाली जा रही है, लेकिन यह भी नालियों के अंदर से ही निकाली जा रही है। इससे गंदा पानी पाइपलाइन के संपर्क में आ रहा है और भविष्य में लीकेज की स्थिति में गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है। नालियों से उठती बदबू और गंदगी के कारण मच्छर व कीटाणु फैल रहे हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के बीमार पड़ने का खतरा बना हुआ है।

काला पानी और पाइप साइज बना बड़ा मुद्दा
नागरिकों ने आरोप लगाया कि नई पाइपलाइन अंदर तो 3 इंच की डाली गई है, लेकिन बाहर से उसे 2 इंच की लाइन से जोड़ा गया है। इससे 3 इंच की पाइपलाइन का कोई औचित्य नहीं रह जाता। लोगों का कहना है कि जब अंदर 3 इंच की पाइप डाली जा रही है, तो बाहर भी रोड से कनेक्शन 3 इंच का ही होना चाहिए।
इसके साथ ही यह भी गंभीर आरोप सामने आए हैं कि सप्लाई के दौरान लगभग 20 से 25 मिनट तक काला और गंदा पानी आता है, जिसे मजबूरी में लोग उपयोग कर रहे हैं। इस गंदे पानी से मोहल्ले के कई लोगों को पेट संबंधी बीमारियां हो रही हैं।
स्थानीय निवासी रामकुमार सोनी ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि पहले भी पाइपलाइन नाली के अंदर से निकाली गई थी और अब नई लाइन भी उसी तरह डाली जा रही है। अगर भविष्य में कहीं भी लीकेज हुआ तो गंदा नाली का पानी सीधे सप्लाई लाइन में मिल सकता है, जो बेहद खतरनाक है।
वहीं, स्थानीय नागरिक दीनदयाल तिवारी ने बताया कि प्रगतिशील कॉलोनी में न तो नालियों की पूरी सफाई हो रही है और न ही सड़क का काम पूरा किया जा रहा है। टूटी सड़क के कारण आवागमन में भी लगातार दिक्कतें आ रही हैं और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

निगम अधिकारी का कहना है
इस पूरे मामले को लेकर जब नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार से चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायत गंभीर है। नगर निगम द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि क्षेत्रवासियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और स्वास्थ्य संबंधी खतरे से बचाया जा सके।






