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विनय पुस्तक सदन के मालिक की सड़क दुर्घटना में मौत, ई रिक्शा ने मारी थी टक्कर, डिवाइडर से टकराया सिर

जबलपुर यश भारत । शहर के जाने-माने पुस्तक विक्रेता विनय पुस्तक सदन के मालिक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई ।तीन दिन पहले वह अपनी मोपेड से दुकान से रसल चौक की तरफ जा रहे थे तभी उस वक्त एक ई रिक्शा की टक्कर लग गई और उनका सर डिवाइडर से जा टकराया जिसके बाद उन्हें पास में ही निजी अस्पताल ले जाया गया जहां ब्रेन हेमरेज होने के उपरांत 3 दिन बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मालवीय चौक स्थित विनय पुस्तक सदन के मालिक मनोज गुप्ता पिछले कई सालों से अपनी दुकान का संचालन सुपरमार्केट में कर रहे हैं वह अपने किसी निजी कार्य को लेकर रसल चौक तक जा रहे थे तभी पीछे से ई रिक्शा ने बड़ी जोर से टक्कर मार दी जिसके उपरांत मनोज अपनी गाड़ी से उछलकर डिवाइडर से जा टकराया और उनका सर भी डिवाइडर से टकरा गया और इसके बाद मनोज की स्थिति मौके पर खराब हो गई ।वहीं मौजूद कुछ लोगों की मदद से उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया यहां लगातार इलाज के बाद बीती रात उनकी मौत हो गई।

जाने माने पुस्तकविक्रेता

विनय पुस्तक सदन शहर की जानी-मानी पुस्तक की दुकान कही जाती है जहां पर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक लोगों की पुस्तकों को लेने की लाइन लगी रहती है इसी के चलते पूरे शहर में मनोज गुप्ता विनय पुस्तक सदन के नाम से प्रसिद्ध थे इस खबर के चलते पूरे शहर में एक शोक की लहर है

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मिट गई आटो लेन, सड़क से चौराहे तक आटो, ई रिक्शा मचा रहे धूम

शहर में इन दिनों ई रिक्शा धूम मचा रहे हैं। पूरी सड़क में ई रिक्शा की धमाचौकड़ी से यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो रही है। इनके अनियंत्रित संचालन के लिए करीब चार साल पहले नगर निगम, स्मार्ट सिटी, आरटीओ और यातायात पुलिस ने बैठक कर ई-रिक्शा खड़े करने और सवारी बैठाने के लिए शहर के करीब 17 चौराहों व मुख्य मार्गों पर स्थल निर्धारित किए थे। इन स्थलों पर आटो लेन भी बनाई गई थी। व्यवस्था ऐसी थी कि ई-रिक्शा इसी आटो लेन के भीतर से आएंगे और तत्काल सवारी बैठाकर रवाना हो जाएंगे। लेकिन समय के साथ जिम्मेदारों की बेरुखी से ये व्यवस्था चौपट हो गई। जहां गायब हो गई वहीं जिम्मेदार भी व्यवस्था का पालन कराने में फेल रहे।

शहर भर में चल रहे अवैध ऑटो

सड़क किनारे अवैध पार्किंग एक बड़ी समस्या है, जिसके चलते आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं. जबलपुर में 12 मुख्य चौराहे हैं. रजिस्टर्ड ऑटो की जनसंख्या 10 हजार है तो वहीं अवैध ऑटो की जनसंख्या डेढ़ गुना ज्यादा है. इसके इलावा सड़क किनारे दुकान लगाने वाले व्यापारी भी अपना सामान फैला कर रखते हैं, जिसके चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं.

जबलपुर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर वाहनों की बेतहाशा रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी इस तरह की दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं. वहीं पूरे मामले में किसी भी प्रकार की पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. माढ़ोताल पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना के हर पहलू को समझा जा सके. हादसे के बाद लोगों में आक्रोश है और वे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं. ई रिक्शा चालकों द्वारा कभी लूट तो कभी एक्सीडेंट की घटनाओं को की वारदातों को अंजाम दिया गया ऐसी ही कुछ घटनाएं शहर में घटित हुई जो इस प्रकार है

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केस 1 – ई रिक्शा चालक है या मोबाइल चोर, ई रिक्शा चालक ने किया मोबाइल चोरी
थाना गोरखपुर में 18 वर्षीय शशिकांत पाण्डे, निवासी पंसारी मोहल्ला, गोरखपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका मोबाइल चोरी हो गया है। शशिकांत पाण्डे, जो कि प्रयागराज, उत्तर प्रदेश का निवासी है, महिन्द्रा कोचिंग, जबलपुर में एसएससी की तैयारी कर रहे थे।दिनांक 5 नवम्बर 2024 को लगभग 10:30 बजे, शशिकांत पाण्डे ने गोरखपुर गुरुद्वारा के पास एक ई रिक्शा रुकवाया और उसमें सवार हो गए। रिक्शा चालक ने उन्हें ड्राइविंग सीट पर बैठाया और जब वह 70 एमएस के पास पहुंचे, तो रिक्शा चालक ने उन्हें उतारकर वाहन चला लिया। शशिकांत ने अपनी जेब में देखा, तो पाया कि उनका मोबाइल गायब था। उन्होंने तुरंत आटो चालक को आवाज दी, लेकिन वह बिना किराये के पैसे लिये भाग गया।

केस 2 – पहले ई-रिक्शा चलाते हुए पूरे क्षेत्र में दी गाली, फिर कर दी हत्या
गढ़ा थाना अंतर्गत कुछ दिन पहले ई-रिक्शा में बस्ती में घूम-घूमकर गाली गलौज और शोर मचाने पर टोकना एक युवक की जिंदगी पर भारी पड़ गया था। बदमाशों ने युवक की चाकूओं से गोद कर हत्या कर दी और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। गढ़ा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल (Jabalpur Murder News) के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। बदमाश शराब के नशे धुत थे। बदमाशों को गाली-गलौज से रोकने पर छुई खदान निवासी दिनेश झारिया (उम्र- 40 वर्ष) को अपनी जान गंवानी पड़ी। प्राइवेट नौकरी करने वाला दिनेश झारिया रात में खाना खाने के बाद घर के बाहर टहल रहा था। इसी दौरान पड़ोसी निहाल केवट अपने दोस्तों के साथ ई-रिक्शा में बैठकर निकला। शराब के नशे में धुत निहाल बस्ती के लोगों को गाली दे रहा था। बेवजह गाली देने पर निहाल को टोकने एवं उसके घर पर शिकायत करने पर आरोपी निहाल भड़क उठा और अपने साथी राधे, अज्जू, बूजी सेन के साथ मिलकर दिनेश पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला वार कर मौत के घाट उतार दिया।

केस 3 – ई-रिक्शा से जा रही महिला का हाथ पास से निकल रहे वाहन से कटा, पार्षद को सड़क पर पड़ा मिला
ई रिक्शा में सवार होकर जा रही महिला के बगल से निकले वाहन से हाथ टकरा गया। टक्कर से महिला का हाथ कटकर गिर गया। घटना के बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया। कटा हाथ सड़क पर स्थानीय पार्षद ने देखा तो पुलिस को खबर की। जिसके बाद पुलिस ने कटे हाथ को महिला मरीज के पास अस्पताल में पहुंचाया। डॉक्टर्स उसे जोड़ने की कोशिश कर रहे है।

 

चालक हो या भी आटो रिक्शा चालक, सभी को पुलिस वैरीफिकेशन अनिवार्य है। इसके बिना किसी को आटो चलाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा किराया, लोकेशन और ड्राइवर की जानकारी इसमें समाहित होगी। पुलिस थाना से उनकी कलर कोडिंग के साथ नम्बर जारी होंगे। सभी ई-रिक्शा चालकों की जानकारी मंगवाई जाएगी

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