जबलपुरमध्य प्रदेश

सिर्फ यादें ही शेष… डीएन जैन कॉलेज में अंतिम बार जबलपुर आए थे मुनव्वर राणा

जबलपुर, यशभारत। गजल को कोठे से उठाकर मां की कदमों पर लेकर आने वाले कालजयी शायर मुनव्वर राणा की रुखसती पर शहर ने भी उन्हें खूब याद किया। बता दें कि मुनव्वर राणा की शायरी को शहर के लोगों ने भी खूब पसंद किया। कवि सम्मेलन में उनका वह शेर आज भी यादगार बना हुआ है कि ‘ वो जो सूरज को कांधों पर लिए फिरा करते हैं…मर भी जाएं तो मुनव्वर नहीं होने वाले। आखिरी बार वे 7 अक्टूबर 2017 को जैन समाज द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में डीएनजैन कॉलेज परिसर में आए थे। उस दौरान कवि सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि सांध्य दैनिक यशभारत के संस्थापक आशीष शुक्ला ने भी शिरकत की थी। उस कवि सम्मेलन में इंदौर के नामचीन कवि सत्यनारायण सत्तन ने भी कविता पाठ किया था।

Related Articles

Back to top button