आजादी के बाद जैसा लाभ SC-ST को मिला, वैसा OBC को नहीं: राज्यमंत्री कृष्णा गौर

आजादी के बाद जैसा लाभ SC-ST को मिला, वैसा OBC को नहीं: राज्यमंत्री कृष्णा गौर
वक्फ संपत्तियों के डिजिटाइजेशन को लेकर भी दिया बड़ा बयान; कहा- ‘उम्मीद’ पोर्टल से आएगी पारदर्शिता
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने आरक्षण और वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। डॉ. मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे होने पर अपने विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद संविधान में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) को जो सुरक्षा और लाभ मिले, पिछड़ा वर्ग (OBC) उससे वंचित रहा।
संघर्ष से मिला ओबीसी को अधिकार प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मंत्री गौर ने कहा, ओबीसी समुदाय को आरक्षण का लाभ एक लंबे और कठिन संघर्ष के बाद प्राप्त हुआ है। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों ने इस वर्ग को मुख्यधारा में लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग के कल्याण के लिए हर स्तर पर योजनाएं चलाई जा रही हैं और उन्हें उचित प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है।
वक्फ संपत्तियों पर ‘तीन स्तरीय’ जांच वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के प्रबंधन पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि प्रदेश में संपत्तियों के डिजिटाइजेशन का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि वक्फ की सभी संपत्तियों को ‘उम्मीद’ (UMEED) पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ‘मेकर, चेकर और अप्रूवर’ की तीन स्तरीय व्यवस्था लागू की है। कृष्णा गौर के अनुसार, सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वक्फ संपत्तियों का वास्तविक आंकड़ा जनता के सामने होगा, जिससे संपत्तियों के रख-रखाव में स्पष्टता आएगी।
विभाग की उपलब्धियां गिनाईं दो साल का लेखा-जोखा पेश करते हुए मंत्री ने बताया कि विभाग पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के स्वरोजगार, शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित है। आने वाले समय में नई कार्ययोजनाओं के जरिए इन वर्गों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।







