मप्र पुलिस में 15 दिन में मिलेंगे उच्च पद के प्रभार, DGP ने चयन समितियों के गठन के दिए निर्देश

मप्र पुलिस में 15 दिन में मिलेंगे उच्च पद के प्रभार, DGP ने चयन समितियों के गठन के दिए निर्देश
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में पुलिसकर्मियों की पदोन्नति का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कॉन्स्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के कर्मचारियों को उच्च पद का कार्यवाहक प्रभार देने की प्रक्रिया को दोबारा पटरी पर ला दिया है। डीजीपी कार्यालय द्वारा जारी ताजा निर्देशों के तहत, अब आगामी 15 दिनों के भीतर पात्र पुलिसकर्मियों को उच्च पदों की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।
इस प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए डीजीपी ने सख्त समय-सीमा निर्धारित की है। सभी जिलों और रेंज स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आगामी तीन दिनों के भीतर चयन समितियों का गठन करें। यह समितियां पात्र कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं और योग्यता की जांच कर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। गौरतलब है कि विभाग में लगभग 11 महीने के अंतराल के बाद यह प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है, जिससे निचले संवर्ग के कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है।
किसे कहाँ से मिलेगा प्रभार
पदों के वर्गीकरण के अनुसार जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। कॉन्स्टेबल से हेड कॉन्स्टेबल बनाने की कार्यवाही संबंधित जिले के एसपी या इकाई स्तर पर की जाएगी। वहीं, हेड कॉन्स्टेबल से असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) पद का प्रभार देने की जिम्मेदारी रेंज डीआईजी को सौंपी गई है। इसके अलावा सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर और लिपिक (क्लर्क) संवर्ग से जुड़ी सभी प्रभार प्रक्रियाएं पुलिस मुख्यालय स्तर पर संपन्न की जाएंगी।
व्यवस्था में सुधार और मनोबल बढ़ेगा
पुलिस विभाग का यह कदम मैदानी स्तर पर कानून व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा। थानों में विवेचकों और जांच अधिकारियों की कमी को पूरा करने के लिए यह कार्यवाहक प्रभार प्रणाली लंबे समय से कारगर साबित हुई है। इस आदेश के बाद प्रदेश भर के हजारों पुलिसकर्मियों को अपनी सेवा अवधि के दौरान बेहतर पद पर कार्य करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके मनोबल में वृद्धि होगी। मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि पूरी चयन प्रक्रिया नियमानुसार और तय समय के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी होनी चाहिए।






