
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में बढ़ते ऊर्जा संकट और आर्थिक दबाव के बीच सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में देशभर में बाजारों और व्यावसायिक गतिविधियों पर समय-सीमा लागू करने का फैसला लिया गया है। सरकार के निर्देश के अनुसार पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान, इस्लामाबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके समेत कई क्षेत्रों में बाजार, मॉल और दुकानें रात 8 बजे तक बंद करनी होंगी। वहीं रेस्टोरेंट, बेकरी और अन्य खानपान प्रतिष्ठानों को रात 10 बजे तक ही संचालन की अनुमति दी गई है। साथ ही शादी समारोहों पर भी सख्त पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
ईंधन संकट और महंगाई से बढ़ी मुश्किलें
सरकार पेट्रोलियम सब्सिडी को डिजिटल वॉलेट के जरिए देने की योजना बना रही है, लेकिन फिलहाल आम जनता को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है।
गैस संकट से जनजीवन प्रभावित
पेशावर सहित खैबर पख्तूनख्वा के कई इलाकों में प्राकृतिक गैस की भारी कमी देखी जा रही है। सीएनजी स्टेशनों के बंद रहने से स्कूल वैन और बस सेवाएं प्रभावित हो गई हैं, जिससे छात्रों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोडशेडिंग और परिवहन पर असर
गैस सप्लाई में अघोषित कटौती (लोडशेडिंग) के कारण घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता दोनों प्रभावित हुए हैं। सार्वजनिक परिवहन में पेट्रोल के बढ़ते उपयोग के चलते किराए भी बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, ऊर्जा संकट और सख्त सरकारी फैसलों के कारण आने वाले समय में आम लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।







