अब भी कई दागी पुलिस अधिकारी/ कर्मचारी थानों में जमे -डीजीपी के आदेश के बाद भी थानों से नहीं दे रहे रवानगी

अब भी कई दागी पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों थानों में जमे
-डीजीपी के आदेश के बाद भी थानों से नहीं दे रहे रवानगी
भोपाल यशभारत। मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के आदेश के बाद भी राजधानी के कई थानों में दागी पुलिस अधिकारी/ कर्मचारी अंगद के पैर की तरह जमे हुए हैं। इनमें चार साल से ज्यादा एक की स्थान पर रहने वाले और ऐसे पुलिसकर्मियों को हटाया जाना है, जिनके खिलाफ पूर्व से ही विभागीय जांच चल रही हैं। कल पुलिस कमिश्रर हरिनारायण चारी मिश्र ने विभागीय जांच के चलते 48 पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को मैदारी पोस्टिंग से हटाकर पुलिस लाइन अटैच किया है। जानकारी के मुताबिक अभी भी भोपाल शहर के थानों में ऐसे दागी पुलिस अधिकारी व कर्मचारी पदस्थ हैं, जिसमें खिलाफ पहले से विभागीय जांच चल रही है। डीजीपी के आदेश के बाद भोपाल शहर के थानों में पदस्थ ऐसे दागी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद भी दागी पुलिस अधिकारी/कर्मचारी खुद को लाइन हाजिर होने से बचा रहे हैं। कल पुलिस कमिश्रर हरिनारायण चारी मिश्र ने विभागीय जांचं में महिला थाना, निशातपुरा, एमपी नगर, रातीबड़, यातायात, मिसरोद, बागसेवनिया, बैरागढ़ डीसीपी कार्यालय जोन-4 में पदस्थ 6 एसआई, 3 एएसआई, 13 हवलदार और 26 आरक्षकों को थानों से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया है। इन पर नहीं हुई कार्रवाही- 48 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को मैदानी पोस्टिंग से हटाने के बाद भी अशोका गार्डन में पदस्थ एएसआई दिनेश खजुरिया, मिसरोद थाना के हेड कांस्टेबल पवन त्रिपाठी, और कमला नगर थाना के आरक्षक उपेन्द्र राजावत अभी भी मैदानी पोस्टिंग पर जमे हुए हैं। एएसआइ खजुरिया के खिलाफ एक युवक की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में विभागीय जांच चल रही है। वहीं हेड कांस्टेबल त्रिपाठी के खिलाफ ग्वालियर में करीब आधा दर्जन से ज्यादा मामलों में विभागीय जांच जारी है। इसी तरह आरक्षक राजावत को अब तक तबादला होने के बाद भी थाने से कार्यमुक्त नहीं किया गया है। सूत्रों की इनके अलावा शहर के थानों में ओर भी कई दागी पदस्थ हैं। जो अपने वरिष्ठ अधिकारी अथवा थाना प्रभारी के चहेते होने के कारण थानों में जमे हुए हैं।







