मंत्रिपरिषद के बड़े निर्णय, मोहन यादव सरकार का ‘मेक इन बुंदेलखंड’ मिशन, बुंदेलखंड को नया उद्योग राजधानी बनाने की तैयारी!
CM मोहन यादव ने खोला 24,240 करोड़ का निवेश दरवाज़ा—29,100 नौकरियां व 42 बड़ी इकाइयों को मंजूरी

भोपाल। मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की 9 दिसंबर 2025 को सम्पन्न बैठक ने प्रदेश के औद्योगिक, स्वास्थ्य, मार्ग विकास और अंतरराष्ट्रीय रोजगार परिदृश्य को नई दिशा देने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। बैठक का सबसे बड़ा केंद्र बुंदेलखंड क्षेत्र का औद्योगिक कायाकल्प रहा, जिसके तहत सागर जिले के मसवासी औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी गई है।
सरकार का दावा है कि इस पैकेज से कुल 24,240 करोड़ रुपए का निवेश प्रदेश में आएगा। औद्योगिक गलियारे के लिए 608.93 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिस पर 42 औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित होंगी। अनुमान है कि इस मेगा निवेश से करीब 29,100 लोगों को रोजगार मिलेगा। बुंदेलखंड के विकास को नई ऊर्जा देने वाला यह पैकेज अगले पाँच वर्षों में 539.54 करोड़ रुपए की अधोसंरचना लागत के साथ लागू होगा।
विशेष बात यह है कि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए भूमि सिर्फ 1 रुपये प्रति वर्गमीटर टोकन मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क में 100% छूट, तथा उत्पादन के बाद पाँच वर्ष तक बिजली शुल्क राहत जैसे लाभ भी दिए जाएंगे। यह कदम बुंदेलखंड को औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी बनाने वाला साबित हो सकता है।
अन्य प्रमुख निर्णय
1. दमोह–सागर मार्ग 4-लेन हाईवे बनेगा
मंत्रिपरिषद ने 76.680 किमी लंबे दमोह–सागर मार्ग को 4-लेन में विकसित करने हेतु 2,059.85 करोड़ रुपए स्वीकृत किए। इस परियोजना में 13 अंडरपास, 3 बड़े पुल, 9 मध्यम पुल और एक रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण होगा, जिससे यातायात दबाव कम होने के साथ औद्योगिक और कृषि परिवहन सुगम होगा।
2. तीन जिलों में नए मेडिकल कॉलेजों को संचालन स्टाफ
प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए दमोह, छतरपुर और बुधनी में नए मेडिकल कॉलेजों के संचालन हेतु 990 नियमित व 615 आउटसोर्स पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई है। इससे मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और सुदृढ़ होगा।
3. 600 युवाओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय अवसर
राज्य सरकार ने सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड आधारित योजना के अंतर्गत 600 युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार उपलब्ध कराने की पहल स्वीकृत की है। यह पहली बार है जब प्रदेश स्तर पर युवाओं को प्रत्यक्ष विदेशी रोजगार सृजन योजना लागू की जा रही है।
4. दमोह में सिंचाई परियोजना को हरी झंडी
झापननाला मध्यम सिंचाई परियोजना को 165.06 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है, जिससे 3600 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। यह योजना क्षेत्रीय कृषि उत्पादकता को मजबूत करेगी।
5. तीसरा चीता आवास क्षेत्र विकसित
वीरांगना दगावती टाइगर रिजर्व, सागर को प्रदेश का तीसरा चीता आवास क्षेत्र घोषित किया गया है। जनवरी 2026 में बोत्सवाना से 8 चीतों के आगमन की संभावना है, जिससे पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
बुंदेलखंड पैकेज एक नजर में
अनुमानित निवेश — ₹24,240 करोड़
रोज़गार — लगभग 29,100 व्यक्तियों को
उपलब्ध भूमि — 608.93 हेक्टेयर
अधोसंरचना लागत — ₹539.54 करोड़ / पाँच वर्ष
औद्योगिक इकाइयाँ — कुल 42
मंत्रिपरिषद के ये निर्णय न केवल प्रदेश के विकास मानचित्र पर नई रेखाएँ खींचते हैं, बल्कि औद्योगिक प्रगति, रोजगार, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विस्तार में मध्यप्रदेश को अगले चरण की ओर ले जाने वाले साबित होंगे। विशेष रूप से बुंदेलखंड का औद्योगिक पैकेज प्रदेश की आर्थिक संरचना में बड़ा परिवर्तनकारी अध्याय जोड़ने वाला है।








