राजनीति की प्रयोगशाला: किताबें गायब, हथियार हाजिर!

जबलपुर यश भारत । जबलपुर का शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय कल पढ़ाई की जगह राजनीति की जंग का अखाड़ा बन गया। यहाँ क्लास तो बंद रहीं, लेकिन “लोकतंत्र” की लैब में चाकू, रॉड, बेसबॉल बैट और पत्थरों से लाइव डेमो हुआ।
कहते हैं छात्र राजनीति भविष्य की राजनीति का आईना होती है। कल का आईना देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि भविष्य में संसद की लाइब्रेरी में कानून की किताबें नहीं, बल्कि रॉड और लाठियाँ सजेंगी।
एबीवीपी बनाम एमपीएसयू : नशे और सदस्यता का युद्ध
कल के झगड़े ने साफ कर दिया कि अब कॉलेज में पढ़ाई नहीं, बल्कि “कौन किसको पटाएगा” और “कौन किसको पीटेगा” यही असली सिलेबस है।एबीवीपी कह रही है कि एमपीएसयू वाले कैंपस में गांजा बेचते हैं।एमपीएसयू कह रही है कि एबीवीपी वाले छात्रों को डराकर अपने संगठन में भर्ती करते हैं।
कल तक कैंपस में नोट्स बांटे जाते थे, अब नशे की पुड़िया और धमकियों की पर्ची बांटी जा रही है।

गुरुजन मौन, पुलिस चौकन्नी
गुरुत्वाकर्षण का नियम किताबों में पढ़ाया जाता है, लेकिन कल पत्थर उड़कर उसी नियम की नई परिभाषा लिख रहे थे।
गुरुजन मौन रहे, शायद सोच रहे थे – “पढ़ाई से नौकरी कहाँ मिल रही? बच्चों को राजनीति में ही करियर बनाने दो।”
पुलिस फोर्स कॉलेज में वैसे ही तैनात रही जैसे बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने वाली टीम। फर्क बस इतना कि वहाँ कॉपियाँ ज़ब्त होती हैं, और यहाँ हथियार।

छात्र नेता = कल के नेता
अगर यही कल के नेता हैं, तो जनता को अब से तैयार रहना चाहिए ,संसद में बहस होगी, लेकिन ईंट और पत्थर के तर्कों से।
चुनावी घोषणा-पत्र में लिखा होगा: “मुफ़्त शिक्षा नहीं, मुफ़्त लाठी और रॉड देंगे।”और जनता नारे लगाएगी: “रोटी, कपड़ा और मकान नहीं… रॉड, रॉकेट और मैदान चाहिए।”
कल एबीवीपी और एमपीएसयू की भिड़ंत ने साफ कर दिया कि छात्र राजनीति अब शिक्षा की राह नहीं ढूँढ रही, बल्कि हिंसा के शॉर्टकट से सत्ता की सीढ़ी चढ़ना चाहती है। कभी क्लासरूम में सवाल पूछा जाता था – “भारत का भविष्य किसके हाथों में है?”अब जवाब साफ है –“सहर का भविष्य अब किताबों और पेन में नहीं, बल्कि एबीवीपी–एमपीएसयू की लाठियों, रॉड और पत्थरों में है।”
क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: एमपीएसयू अध्यक्ष अभिषेक पांडे गिरफ्तार
पॉलिटेक्निक कॉलेज की हिंसक झड़प के बाद कई कार्यकर्ता भी दबोचे गए
शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में मंगलवार दोपहर एबीवीपी और एमपीएसयू कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक भिड़ंत के बाद देर रात क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने एमपीएसयू अध्यक्ष अभिषेक पांडे समेत संगठन के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
झड़प में चले लाठी-डंडे और बेसबॉल स्टिक
सदस्यता अभियान को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते बेकाबू हो गया। दोनों गुटों के बीच लाठी-डंडे, बेसबॉल स्टिक और पत्थरों से जमकर हमला हुआ। पूरा परिसर रणभूमि में तब्दील हो गया।

पांच छात्र घायल
इस झड़प में पांच छात्र घायल हो गए जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
क्राइम ब्रांच का छापा
रात को क्राइम ब्रांच की टीम ने फुटेज और गवाहों के आधार पर छापेमारी की और अभिषेक पांडे के साथ एमपीएसयू के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

तनाव बरकरार, पुलिस तैनात
घटना के बाद कॉलेज परिसर और आसपास का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किसी भी प्रकार का पुलिस बल तैनात नहीं है।बहरहाल अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है।








