भोपाल में करणी सेना का उग्र प्रदर्शन: सीएम हाउस कूच की कोशिश, पुलिस ने रोका

भोपाल में करणी सेना का उग्र प्रदर्शन: सीएम हाउस कूच की कोशिश, पुलिस ने रोका
क्षत्रिय समाज 15 मांगों को लेकर सड़कों पर; प्रदेश अध्यक्ष की खुली चेतावनी- “भोपाल को नेपाल बना देंगे”
भोपाल, यशभारत। अपनी 15 लंबित मांगों को लेकर क्षत्रिय करणी सेना परिवार ने शनिवार को भोपाल के खुशीलाल ग्राउंड में एक विशाल क्षत्रिय क्रांति सम्मेलन का आयोजन किया। प्रदेशभर से हजारों की संख्या में प्रतिनिधियों और समाजजनों ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया।
मिली जानकारी के अनुसार करणी सेना पदाधिकारियों ने दोपहर 2 बजे तक सीएम ऑफिस से किसी अधिकारी के ज्ञापन लेने के लिए मैदान पर पहुंचने का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि, समय सीमा बीत जाने और कोई अधिकारी नहीं पहुंचने पर, शाम 3 बजे कार्यकर्ताओं ने सीएम हाउस की ओर कूच कर दिया। सीएम हाउस की ओर बढ़ते कार्यकर्ताओं को रास्ते में तैनात भारी पुलिस बल ने रोक लिया। इसके बाद, आक्रोशित कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मुख्य मांग है कि ज्ञापन पुलिस को सौंपने के बजाय, सीएम कार्यालय के किसी उच्च अधिकारी को ही सौंपा जाएगा।

हरदा विवाद बना मुख्य मुद्दा
प्रदर्शन की मुख्य वजह हाल ही में हरदा जिले में करणी सेना और पुलिस के बीच हुआ टकराव है। करणी सेना हरदा प्रकरण में कलेक्टर और एसपी को तुरंत निलंबित करने की मांग कर रही है। यह विवाद 1.52 कैरेट के हीरा खरीद में धोखाधड़ी और उसके बाद पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी से जुड़ा है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर को भी गिरफ्तार किया गया था। प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष इंदल सिंह राणा ने सरकार को सीधी चेतावनी दी। राणा ने कहा, “अभी यह हमारी विनम्र अपील है, आगे देखिएगा हमें भोपाल को नेपाल बनाने में देर नहीं लगेगी।” उन्होंने इस प्रदर्शन को आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि शुरुआत बताया। क्षत्रीय समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की रणनीति पर उतर आए हैं।







