जबलपुर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: अनुसूचित जाति विकास विभाग के बाबू को 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
लोकायुक्त की सख्ती का संदेश

जबलपुर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: अनुसूचित जाति विकास विभाग के बाबू को 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
भोपाल, : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। अनुसूचित जाति विकास विभाग के सहायक ग्रेड-1 कर्मचारी जीवन लाल बरार को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने छिंदवाड़ा की एक आवेदिका से जाति प्रमाण पत्र की जांच को दबाने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
मामले का विवरण
यह मामला छिंदवाड़ा निवासी उषा दाभीरकर से जुड़ा है, जिनके जाति प्रमाण पत्र की जांच भोपाल के राजीव गांधी भवन में चल रही थी। आरोपी जीवन लाल बरार ने जांच को प्रभावित करने के बदले 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पीड़िता की शिकायत पर लोकायुक्त ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और 18 अगस्त 2025 को भोपाल के पंचशील नगर में आरोपी के आवास (मकान नंबर G-21, प्रशासनिक अकादमी के सामने) पर छापेमारी की। जैसे ही बरार ने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा।

कानूनी कार्रवाई
लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B), और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी ने किया, जिसमें निरीक्षक रेखा प्रजापति, उमा कुशवाहा, जितेंद्र यादव और लोकायुक्त जबलपुर की पूरी टीम शामिल थी। मामले की आगे की जांच जारी है।
लोकायुक्त की सख्ती का संदेश
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सख्त नीति को दर्शाती है। हाल के दिनों में जबलपुर लोकायुक्त ने कई रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिससे सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।






