आध्यात्मिक ऊर्जा से महकी जबलपुर जेल: बंदियों ने सीखीं तनाव मुक्ति और सुदर्शन क्रिया की बारीकियां
जबलपुर,यश भारत

आध्यात्मिक ऊर्जा से महकी जबलपुर जेल: बंदियों ने सीखीं तनाव मुक्ति और सुदर्शन क्रिया की बारीकियां
जबलपुर,यश भारत। केन्द्रीय जेल जबलपुर में बंदियों के मानसिक और शारीरिक उत्थान के लिए एक विशेष आध्यात्मिक पहल की गई। जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ संस्था के सहयोग से चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। 06 अप्रैल से 09 अप्रैल तक चले इस कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ने बंदियों को तनाव, क्रोध और अवसाद से मुक्त होकर एक सकारात्मक जीवन जीने के व्यावहारिक गुर सिखाए।
बंदियों को जीवन के सात स्तरों—शरीर, श्वास, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार और आत्मा के प्रति सजग रहने का महत्व समझाया। प्रशिक्षण के दौरान बंदियों को विशेष रूप से सुदर्शन क्रिया, थ्री स्टेज प्राणायाम, भस्त्रिका और सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य बंदियों के भीतर आत्म-सम्मान और आत्म-संतुष्टि की भावना जागृत करना था, ताकि वे कारागार से बाहर निकलने के बाद समाज की मुख्यधारा में एक बेहतर इंसान के रूप में जुड़ सकें।
प्रशिक्षकों ने ओरा ध्यान और ज्ञानवार्ता के माध्यम से बताया कि कैसे मन की एकाग्रता बढ़ाकर मानसिक प्रसन्नता और वैचारिक स्पष्टता प्राप्त की जा सकती है। शिविर के समापन पर यह रेखांकित किया गया कि नियमित योगाभ्यास और ध्यान न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को उन्नत बनाता है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी मन को शांत रखने की शक्ति प्रदान करता है। जेल प्रशासन की इस पहल से बंदियों में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार देखा गया।






