“होर्मुज पर ईरान का बड़ा फैसला: नए समुद्री रास्ते तय, तेल सप्लाई पर मंडराया संकट”
वैश्विक असर की आशंका

तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा कदम उठाया है। जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए नए वैकल्पिक समुद्री मार्ग तय किए गए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौसेना ने बयान जारी कर सभी मालवाहक जहाजों को नए निर्धारित मार्गों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही समुद्री माइन (बारूदी सुरंग) के खतरे को देखते हुए अलर्ट भी जारी किया गया है। यह पूरा क्षेत्र अब कड़ी निगरानी में रहेगा।
नए रास्तों की व्यवस्था
- प्रवेश मार्ग: ओमान सागर से आने वाले जहाज अब लारक द्वीप के उत्तरी हिस्से से होकर खाड़ी में प्रवेश करेंगे।
- निकास मार्ग: खाड़ी से बाहर जाने वाले जहाज लारक द्वीप के दक्षिणी हिस्से से ओमान सागर की ओर जाएंगे।
ईरान का कहना है कि इन मार्गों का उद्देश्य जहाजों को सुरक्षित और निर्बाध रास्ता देना है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
वैश्विक असर की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया के लगभग 20% तेल का परिवहन इसी जलडमरूमध्य से होता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों और सप्लाई को प्रभावित कर सकती है।
टैंकरों पर नया टैक्स प्लान
ईरान ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर प्रति बैरल 1 डॉलर टोल टैक्स लगाने की योजना बनाई है।
- भुगतान क्रिप्टोकरेंसी (जैसे बिटकॉइन) में लिया जा सकता है
- जहाजों को पहले अपने कार्गो की जानकारी देना अनिवार्य होगा
- अनुमति के बाद ही आगे बढ़ने दिया जाएगा
ईरानी अधिकारी हामिद होसैनी के अनुसार, यह व्यवस्था हथियारों की तस्करी रोकने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लागू की जा रही है।







