इंदौर EOW का बड़ा खुलासा:
अनाज लाइसेंस के लिए रिश्वत मांगने वाले मंडी निरीक्षक और बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार

इंदौर: आर्थिक अपराध शाखा (EOW) इंदौर ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि उपज मंडी महू में अनाज क्रय-विक्रय लाइसेंस जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने वाले मंडी निरीक्षक/सचिव विक्रम सिंह चौहान और बाबू किशोर नाविक को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई अनिल सैनी नामक शिकायतकर्ता की 28 अप्रैल 2025 को पुलिस अधीक्षक EOW इंदौर के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई। शिकायत में बताया गया था कि लाइसेंस जारी करने के लिए लोकसेवक मंडी निरीक्षक/सचिव विक्रम सिंह चौहान और बाबू किशोर नाविक द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
EOW इंदौर ने शिकायत की प्रारंभिक जांच की और शिकायतकर्ता को आरोपियों के पास पुष्टि के लिए भेजा। जांच में डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए, जिसमें आरोपी विक्रम सिंह चौहान और किशोर नाविक द्वारा रिश्वत की राशि 30,000/- रुपये मंडी के ही एक अन्य व्यापारी कृष्णा अग्रवाल को देने के लिए कहा गया था।
साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि होने के बाद, आज दिनांक 02 मई 2025 को EOW इंदौर की टीम ने दोपहर करीब तीन बजे कृषि उपज मंडी डांगरागांव, महू में ट्रेप की कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार्रवाई के दौरान, शिकायतकर्ता अनिल सैनी द्वारा जैसे ही रिश्वत की राशि 30,000/- रुपये कृष्णा अग्रवाल को दी गई, मौके पर मौजूद EOW की ट्रेप टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके पर ही मंडी निरीक्षक/सचिव को हिरासत में लेकर पूछताछ और आगे की कार्रवाई की जा रही है। तीनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 7 पीसी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
कृषि उपज मंडी के कार्यालय में व्यापारियों को क्रय-विक्रय करने के लाइसेंस में रिश्वत संबंधी अपराध की विवेचना में मंडी कार्यालय में तलाशी कर दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं।
EOW इंदौर की ट्रेप टीम में डीएसपी श्रीमती नंदिनी शर्मा, डीएसपी श्री संजय मिश्रा, निरीक्षक श्री योगेन्द्र सिंह सिसोदिया, निरीक्षक श्री संजय द्विवेदी, निरीक्षक श्री कैलाशचंद्र पाटीदार, निरीक्षक श्री आमोद सिंह राठौर सहित 14 सदस्यीय दल शामिल था, जिसने इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।







