केन्द्र के (डीए), (डीआर) की घोषणा का बेसब्री से इंतजार, करीब सवा करोड़ कर्मी और सेवानिवृत एक दूसरे से कर रहे पूछताछ

जबलपुर यश भारत। जुलाई माह बीतने के बाद केन्द्र सरकार के करीब सवा करोड़ कर्मी और सेवानिवृत उस सरकारी अधिसूचना का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जिसमें उनके लिए महंगाई भत्ता और राहत की घोषणा होना है। अमूमन हर माह होने वाली केबिनेट की बैठक में सरकार के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी जाती है। अतः जुलाई से अब तक होने वाली केबिनेट की बैठक के एजेंडे पर कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर लगी है कि उनके लिए महंगाई भत्ता और राहत की घोषणा हुई कि नहीं।
उल्लेखनीय है कि हर 6 माह में सरकार द्वारा सांख्यिकी गणना के बाद सुनिश्चित किया जाता है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में कितना परिवर्तन हुआ है। प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद संबंधित विभागों से ड्राफ्ट तैयार कर केबिनेट की बैठक में समीक्षा हेतु शामिल होता है। तदानुसार किसी भी प्रस्ताव पर केबिनेट की मुहर लग कर उसकी विधिवत यथानुसार अधिसूचना जारी होती है। जुलाई माह में मूल्य सूचकांक की गणना के बाद चर्चा में कि महंगाई भत्ता और राहत में 3 फीसदी वृद्धि होगी। इसका फैसला भी केबिनेट द्वारा अपेक्षित फैसला लिया जाकर अधिसूचना जारी हो जाती है। लेकिन अब तक ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं किए जाने से सभी की नजर इस पर बनी है।
दशहरा बीत जाने के बाद अब दीपावली पर कर्मचारी और पेंशनरों को उम्मीद है कि त्यौहार के मद्देनजर जल्द ही उन्हें महंगाई भत्ता और राहत मिल जाएगी।आई एन डब्ल्यू ई एफ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण दुबे ने कहा कि अभी तक सरकार की घोषणा का इंतजार है।बीपीएमएस के राष्ट्रीय संगठन सचिव नरेन्द्र तिवारी के अनुसार सोशल मीडिया में तीन फीसदी डीए बढ़ने की जानकारी है। लेकिन अधिकृत घोषणा लंबित है।एआईडीईएफ के संगठन मंत्री अर्नव दास गुप्ता ने कहा कि डी ए/डीआर में हो रही देरी के लिए फेडरेशन की ओर से पत्र लिखा गया है।







