मानवाधिकारों की अनदेखी पर हाईकोर्ट की सरकार को फटकार
- 3.5 करोड़ रुपये तुरंत जमा करने का दिया आदेश

मानवाधिकारों की अनदेखी पर हाईकोर्ट की सरकार को फटकार
– 3.5 करोड़ रुपये तुरंत जमा करने का दिया आदेश
मुंबई, यश भारत महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (एमएसएचआरसी) की सिफारिशों को वर्षों तक नजरअंदाज करने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने हालात को ‘बेहद गंभीर और शर्मनाक’ बताते हुए पीड़ितों को बकाया मुआवजे के तौर पर 3.5 करोड़ रुपये तुरंत जमा करने का निर्देश दिया है।
अदालत अधिवक्ता सत्यम अतुल सुराणा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें खुलासा किया गया कि मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों में आयोग द्वारा दिए गए 180 से अधिक आदेशों और सिफारिशों में से 136 मामलों का अब तक पालन नहीं हुआ है। इन सभी मामलों में पीड़ितों को मुआवजा देने की सिफारिश की गई थी, लेकिन सरकार ने वर्षों बाद भी राशि जारी नहीं की।
पीठ ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब राज्य का मानवाधिकार आयोग स्वयं पीड़ितों को राहत देने की सिफारिश करता है, तो सरकार का उसे लागू न करना कानून और संविधान दोनों की अवहेलना है। अदालत ने यह भी कहा कि यह स्थिति राज्य में मानवाधिकारों की दुर्दशा की ओर इशारा करती है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह मुख्य सचिव से परामर्श कर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करे, जो एमएसएचआरसी के पुराने और भविष्य के सभी आदेशों के अनुपालन की निगरानी करेगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि आगे किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।







