ठंड में बढ़ा जिम क्रेज : जल्दबाज़ी में सेहत नहीं, बीमारियों का शिकार हो रहे युवा

ठंड में बढ़ा जिम क्रेज : जल्दबाज़ी में सेहत नहीं, बीमारियों का शिकार हो रहे युवा
– फिटनेस कोच प्रभाकर राव ने दिए फिटनेस मंत्र, स्टीरॉयड से बचने की सख्त चेतावनी
यश भारत भोपाल। ठंड की दस्तक के साथ प्रदेशभर में जिम की रौनक बढ़ गई है। फिटनेस को लेकर युवाओं में जोश तो दिख रहा है, लेकिन जानकारी के अभाव में कई युवा सेहत बनाने के बजाय खुद को बीमारियों की ओर धकेल रहे हैं। जल्दी बॉडी बनाने की चाहत में सोशल मीडिया की रीलों से प्रभावित होकर स्टीरॉयड और अनजान सप्लीमेंट्स का सेवन करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि ऐसे प्रयोग शरीर को अंदरूनी रूप से बेहद नुकसान पहुंचाते हैं। प्रदेश के जाने-माने बॉडी बिल्डर और फिटनेस कोच प्रभाकर राव ने यशभारत से विशेष बातचीत में युवाओं को जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए। उन्होंने साफ कहा कि फिटनेस एक कला है, जिसे समय, धैर्य और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। सोशल मीडिया पर वायरल ट्रिक्स से शरीर नहीं बनता, बल्कि नुकसान जरूर बढ़ता है।

स्टीरॉयड: त्वरित परिणाम, लेकिन गंभीर दुष्परिणाम
प्रभाकर राव ने बताया कि स्टीरॉयड शरीर में तेजी से मांसपेशियां जरूर बढ़ाते हैं, लेकिन वे शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाकर हार्मोनल असंतुलन, लीवर डैमेज, किडनी समस्या, हाई बीपी, इमोशनल अस्थिरता जैसी समस्याएं पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कहर कि कई युवा कुछ हफ्तों में बॉडी पाना चाहते हैं, लेकिन असली एथलीट सालों की मेहनत से काया गढ़ते हैं, न कि शॉर्टकट्स से।

ठंड में जिम शुरू करने वालों के लिए जरूरी सलाह
ठंड में जिम ज्वाइन करने वालों की संख्या बढ़ती है, लेकिन यह मौसम चोट लगने की संभावना भी बढ़ा देता है। प्रभाकर राव के अनुसार
1. वॉर्मअप अनिवार्य है – ठंड में शरीर सख्त रहता है। बिना वॉर्मअप के सीधे हैवी लिफ्ट करना बेहद खतरनाक है।
2. हल्के वजन से शुरुआत करें – शुरुआती दिनों में भारी वजन उठाना मसल टियर या स्प्रेन का कारण बन सकता है।
3. पानी की कमी न होने दें – ठंड में लोग पानी कम पीते हैं, जिससे मसल क्रैंप और कमजोरी आती है।
4. पर्याप्त नींद लें – बॉडी रिकवरी के लिए 7–8 घंटे की नींद जरूरी है।
सही प्रशिक्षक का चयन क्यों जरूरी
फिटनेस कोच और बॉडी बिल्डर प्रभाकर का कहना है कि प्रशिक्षक की देखरेख में एक्सरसाइज करना अनिवार्य है। गलत तकनीक न केवल चोट पहुंचाती है बल्कि लंबे समय तक शरीर की शेप भी बिगाड़ सकती है। जिम में ऐसे कोच चुनें जो प्रमाणित हों और शरीर के प्रकार के अनुसार प्लान बनाना जानते हो।
फिटनेस के लाभ जो बदलते हैं जीवन
– मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है
– दिल और फेफड़े मजबूत होते हैं
– मानसिक तनाव कम होता है
– आत्मविश्वास बढ़ता है
– रोग प्रतिरोधक क्षमता सुधरती है
गलत तरीके से जिम करने के नुकसान
– कमर, घुटने और कंधे की चोटें
– हार्मोनल असंतुलन
– अनियंत्रित वजन बढऩा या घट जाना
– दिल और लीवर को नुकसान (विशेषकर गलत सप्लीमेंट या स्टीरॉयड से)
युवाओं के लिए यह संदेश
प्रभारकर का कहना है कि फिटनेस एक यात्रा है, न कि मंजिल। जल्दबाजी में उठाया गया गलत कदम आपकी सेहत को हमेशा के लिए खराब कर सकता है। अच्छा शरीर समय, अनुशासन और सही ज्ञान से बनता है। शॉर्टकट्स से नहीं। ठंड का मौसम फिटनेस शुरू करने के लिए बेहतरीन मौका है, लेकिन बिना जानकारी और बिना प्रशिक्षक के एक्सरसाइज करना खुद पर खतरा मोल लेना है। सोशल मीडिया की रीलें प्रेरणा दे सकती हैं, पर स्वास्थ्य का मार्गदर्शन एक्सपर्ट ही दे सकते हैं।







