6 महीने में सोना बना सकता है नया रिकॉर्ड, 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने का अनुमान
युद्ध खत्म, अब सोने की बारी! निवेशकों को मिल सकता है बड़ा फायदा

मुंबई , यशभारत | अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह सही समय हो सकता है। फिलहाल वैश्विक बाजार में दबाव के कारण सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में पीली धातु की कीमतों में जबरदस्त उछाल आ सकता है। निवेश बैंक जेपी मॉर्गन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगले छह महीनों में सोने की कीमतों में करीब 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसा होने पर भारतीय बाजार में सोना 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर को भी पार कर सकता है।
जेपी मॉर्गन का कहना है कि पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की वजह से हाल के महीनों में सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा। हालांकि अब हालात सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे निवेशकों का रुझान दोबारा सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ बढ़ सकता है। इसी कारण सोने की कीमतों में तेज उछाल की संभावना जताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की औसत कीमत 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। वहीं 2027 के अंत तक यह बढ़कर 6,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकती है। मौजूदा कीमतों की तुलना में यह करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी होगी, जो सोने के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना सकती है।
विश्लेषकों के अनुसार, इस वर्ष सोने की कीमतों पर सबसे अधिक असर पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और तेल बाजार में उतार-चढ़ाव का पड़ा। फरवरी के बाद से सोने की कीमतों में 20 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके पीछे अमेरिकी डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता प्रमुख कारण रहे।
जेपी मॉर्गन का मानना है कि तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा हुई थी, जिससे निवेशकों को लगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रख सकता है। इसी वजह से सोने और चांदी में दबाव देखने को मिला। लेकिन अब जब युद्धविराम और तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं, तो निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ सकती है, जिससे सोने की कीमतों में नई तेजी देखने को मिल सकती है।







