कोलार के दुर्गा कॉलोनी में डेढ़ माह से अधूरा पड़ा गैस लाइन का काम – दुर्घटनाओं का बना हुआ अंदेशा, लोग हो रहे परेशान

कोलार के दुर्गा कॉलोनी में डेढ़ माह से अधूरा पड़ा गैस लाइन का काम
– दुर्घटनाओं का बना हुआ अंदेशा, लोग हो रहे परेशान
भोपाल यशभारत। हर घर में जल्द से जल्द घरेलु गैस पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम करने का दावा प्रदेश सरकार भले कर रही हो, लेकिन संबंधित विभाग और निर्माण कंपनी की सुस्त चाल ने दावे को कागजी साबित कर दिया है। राजधानी भोपाल के कई इलाकों में काम गति नहीं पकड़ पाया है। हालात यह है कि कई माह बीतने के बाद भी काम अधूरा पड़ा हुआ है। संबंधित ठेकेदार ने गैस पाइप लाइन डालने के नाम पर बड़े बड़े नाले बना दिए हैं लेकिन काम को पूरा नहीं किया है। कोलारा क्षेत्र में स्थित दुर्गा नगर कॉलोनी सहित अन्य इलाके ऐसे हैं जहां सडक़ किनारे खुदाई कर दी गई है। अब यहां पर खतरे का अंदेशा बना हुआ है। स्थानीय रहवासियों की माने तो पिछले डेढ़ माह से काम हुआ ही नहीं है। अब यहां ना तो संबंधित कंपनी के कर्मचारी नजर आते हैं और ना ही कोई आला अधिकारी व्यवस्था देखने आ रहे हैं।
बरसात में होती है सबसे ज्यादा परेशानी
बरसात के दौरान दुर्गा नगर कॉलोनी रोड से निकलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात का पानी रोड पर जमा हो जाता है। कीचड़ फैलने से वाहन चालकों के फिसलने का डरा बना रहता है। कई बार लोगों ने इसकी शिकायत प्रशासन से की, लेकिन समस्या का समाधा नहीं हुआ है।
दो साल में काम पूरा करने क लक्ष्य
मध्यप्रदेश के सभी जिलों में हर घर में पाइप लाइन से घरेलू गैस सप्लाई की कवायद चल रही है। राज्य सरकार हर हाल में यह काम दो साल में पूरा करने पर जोर दे रही है। कुछ माह पूर्व मंत्रालय में प्रदेश के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कार्य की समीक्षा बैठक बुलाई थी। जिसमें राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कंपनियों से पीएनजी और सीएनजी सप्लाई के काम में तेजी लाने को कहा था।
मुख्यमंत्री जता चुके हैं चिंता
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के काम की धीमी गति पर सीएम डॉ. मोहन यादव भी चिंता जता चुके हैं। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के काम में पाइप लाइन बिछाने के बाद रेस्टोरेशन अधूरा छोड़ देने की खूब शिकायतें प्रशासन के पास पहुंच रही हैं। अडानी गैस लिमिटेड, अवंतिका गैस लिमिटेड, थिंक गैस, इंडिया आयल कॉर्पोरेशन, गेल गैस नेटवर्क, गुजरात गैस लिमिटेड, राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड और मेघा गैस के प्रतिनिध्यिों ने सरकार को काम पूरा करने का भरोसा दिलाया है।
1207 में से सिर्फ 378 स्टेशन तैयार
प्रदेश में 1207 सीएनजी स्टेशन बनाए जानें हैं जिनमें से 378 स्टेशन तैयार किए गए हैं। मध्यप्रदेश में 55 जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के लिए 25 भौगोलिक क्षेत्र निर्धारित किया गया है। पीएनजी गैस कनेक्शन का लक्ष्य 60 लाख उपभोक्ताओं का तय किया गया है। इस लक्ष्य के मुकाबले अभी महज 3.19 लाख उपभोक्ताओं को पाइप लाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति की जा रही है।







