बिहार में बाढ़ का तांडव,भागलपुर में गंगा-कोसी का कहर, 100 साल पुराना मंदिर पानी में बहा
13 जिलों में 29 लाख लोग प्रभावित

पटना, एजेंसी। बिहार में लगातार बढ़ते नदियों के जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया है। राज्य के 13 जिलों के बड़े हिस्से जलमग्न हो गए हैं। करीब 29 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि 20 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
56 पंचायतों के 178 गांव पानी में घिरे
भागलपुर में गंगा और कोसी के उफान से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। जिले की 56 पंचायतों के 178 गांव और 347 वार्ड बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 2 लाख 17 हजार 811 लोग प्रभावित बताए गए हैं। बाढ़ और तेज कटाव के कारण करीब 100 साल पुराना मंदिर पानी में बह गया। कई मकान भी कटाव के चलते नदी में समा गए।
190 सामुदायिक रसोइयों से पहुंच रहा भोजन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली और सारण में राहत शिविरों का निरीक्षण कर अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार बाढ़ प्रभावित जिलों में 190 सामुदायिक रसोइयां संचालित की जा रही हैं। राहत और बचाव के लिए 1,429 नावों को लगाया गया है।
सारण में बांध टूटने से कई इलाकों में फैला पानी
सारण जिले में सरयू, गंगा और गंडक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दरियापुर प्रखंड के मुजौना पंचायत के समीप सेमरिहिया गांव में बांध टूटने से आसपास के क्षेत्रों में पानी फैल गया। दरियापुर और दिघवारा में माही नदी का बांध टूटने से भी स्थिति और गंभीर हो गई है। प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों से जानकारी ली।
22 हजार 35 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
जिला प्रशासन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 22 हजार 35 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत एवं आवागमन के लिए 71 सरकारी और अधिग्रहित नावें चलाई जा रही हैं। बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच करीब 4 हजार पॉलीथिन सीट और तिरपाल बांटे गए हैं।
एक लाख से अधिक लोगों को कराया गया भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 15 सामुदायिक रसोइयां संचालित हैं। इनमें अब तक एक लाख से अधिक लोगों को भोजन कराया जा चुका है। टीएनबी कॉलेजिएट समेत सात प्रमुख स्थानों पर राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां प्रभावित लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
एसडीआरएफ की पांच टीमें, 501 आपदा मित्र मैदान में
पशुओं की सुरक्षा के लिए 9 हजार 343 पशुओं का पंजीकरण किया गया है। डीएम अलंकृता पांडे के अनुसार बचाव अभियान में एसडीआरएफ की पांच टीमें, 17 मोटरबोट और 501 आपदा मित्र तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
तेजस्वी यादव ने मांगी 5 हजार करोड़ की मदद
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की तत्काल वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया है। तेजस्वी ने कहा कि बाढ़ से एक दर्जन से अधिक जिले प्रभावित हैं और लाखों लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के साथ कई क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था भी बाधित हुई है।







