मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, बड़ा हादसा टला, देखे वीडियो ……
जर्जर भवन को लेकर फिर उठे सवाल

जबलपुर, यशभारत। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर स्थित एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी) सेंटर में शुक्रवार सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय सेंटर में उपचार और जांच के लिए मरीजों के साथ गर्भवती महिलाएं भी मौजूद थीं। कर्मचारियों की सतर्कता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक बिजली उपकरणों से चिंगारियां निकलने लगीं, जो कर्मचारियों के ऊपर भी गिरीं। हालांकि सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए। वहीं एचआईवी जांच के लिए पंजीयन कराने पहुंचीं गर्भवती महिलाएं भी घबराकर भवन से बाहर निकल गईं। कर्मचारियों ने तत्काल दूसरे विभाग से अग्निशमन यंत्र मंगाकर आग बुझाने का प्रयास किया और दमकल विभाग को सूचना दी। समय रहते आग बुझा दिए जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जर्जर भवन में संचालित हो रहा सेंटर
घटना के बाद एआरटी सेंटर के कर्मचारियों ने भवन की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। कर्मचारियों दिलीप पटेल, आशीष मिश्रा, मीराबाई, गार्ड कुलदीप और सेंटर प्रभारी वाणी अहलूवालिया ने बताया कि भवन की दीवारों में लगातार सीलन और नमी बनी रहती है। इसके कारण पहले भी कई बार करंट लगने और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं हो चुकी हैं। सेंटर प्रभारी के कक्ष का एग्जॉस्ट फैन भी पूर्व में शॉर्ट सर्किट के कारण जल चुका है।
करोड़ों की दवाएं और मशीनें खतरे में
कर्मचारियों के अनुसार इसी भवन में प्रदेश के लगभग 22 जिलों के एचआईवी मरीजों के लिए करोड़ों रुपये मूल्य की जीवनरक्षक दवाओं का भंडारण किया जाता है। वहीं लाखों रुपये की जांच मशीनें भी टपकती छतों और सीलन भरे कमरों में संचालित हो रही हैं। प्रतिदिन 150 से अधिक एचआईवी मरीज उपचार और दवाएं लेने यहां पहुंचते हैं।
सुरक्षित भवन में स्थानांतरण की मांग
लगातार हो रही विद्युत संबंधी घटनाओं के बाद कर्मचारियों ने एआरटी सेंटर को तत्काल किसी सुरक्षित और आधुनिक भवन में स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं बदली गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
डीन बोले— सुरक्षा सर्वोपरि
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने कहा कि घटना को गंभीरता से लिया गया है। स्टाफ और मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है। एआरटी सेंटर के लिए पृथक एवं सुरक्षित भवन उपलब्ध कराने के संबंध में उच्च अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।







