भ्रूण परीक्षण आरोप: IMA ने डॉ. दुबे की सदस्यता निलंबित की
प्राथमिक जांच में मिली अनियमितताएँ, जवाब न मिलने पर कार्रवाई तेज

जबलपुर,यशभारत। भ्रूण परीक्षण में लिप्त पाए जाने के गंभीर आरोपों ने चिकित्सा जगत में हलचल मचा दी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जबलपुर शाखा ने इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए डॉ. हेमलेश चंद्र दुबे की सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, मामले की प्राथमिक जांच में कई अनियमितताएँ सामने आईं, जिनके बाद यह निर्णायक कदम उठाया गया।
नोटिस पर नहीं दिया जबाब
IMA कार्यालय की ओर से बताया गया कि 4 दिसंबर को डॉ. दुबे को कारण-बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उनसे निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब देने को कहा गया था। संगठन का कहना है कि डॉक्टर की ओर से कोई औपचारिक जवाब समय पर प्राप्त नहीं हुआ। बाद में वॉट्सऐप के माध्यम से भेजे गए उत्तर को भी IMA ने असंतोषजनक माना, जिसके चलते स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का बयान
IMA पदाधिकारियों का कहना है कि भ्रूण परीक्षण जैसे मामले केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि चिकित्सकीय नैतिकता का भी गंभीर उल्लंघन हैं, जिन्हें किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। संगठन ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा पेशे की गरिमा को बनाए रखने के लिए आवश्यक होने पर कठोरतम अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे। निलंबन का निर्णय इसी नीति के तहत लिया गया है।
अब IMA की स्टेट शाखा करेगी जांच
उधर, मामले को आगे की जांच और अंतिम कार्रवाई के लिए IMA की स्टेट शाखा को भेज दिया गया है। स्टेट स्तर पर विस्तृत जांच की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, संगठन ने यह भी कहा है कि डॉ. दुबे को अपने पक्ष में सफाई देने का पूरा अवसर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।








