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फर्जी चेक जारी कर निवेशक से 35.75 करोड़ की धोखाधड़ी पर EOW की बड़ी कार्रवाई

शेयर की कीमत बढ़ाकर किया गया सुनियोजित फ्रॉड

फर्जी चेक जारी कर निवेशक से 35.75 करोड़ की धोखाधड़ी पर EOW की बड़ी कार्रवाई

शेयर की कीमत बढ़ाकर किया गया सुनियोजित फ्रॉड

भोपाल: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), भोपाल ने एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी मामले का खुलासा किया है, जिसमें एक निवेशक से ₹35.75 करोड़ की ठगी की गई है। EOW ने शिकायत के आधार पर दिलीप कुमार गुप्ता और उनकी कंपनियों – मेसर्स डीजी मिनरल्स प्रा. लि. और मेसर्स श्री मां सीमेंटेक प्रा. लि. – के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं (120बी, 420, 467, 468, 471) के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता श्री विनीत जैन, निवासी भोपाल, ने आरोप लगाया है कि आरोपी दिलीप गुप्ता ने माइनिंग व्यवसाय में भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे करोड़ों रुपये का निवेश कराया और उनकी पारिवारिक संपत्तियों को गिरवी रखवाकर भी पैसा अपनी कंपनियों में लगवाया।

10 के शेयर का फर्जी मूल्य: आरोपी ने कंपनी के ₹10 प्रति शेयर के वास्तविक मूल्य को फर्जी तरीके से बढ़ाकर ₹12,972 प्रति शेयर कर दिया, और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों रुपये के शेयर आवंटित करने का दिखावा किया।

बंद खातों से चेक जारी: निवेश की राशि और लाभांश वापस करने के नाम पर, आरोपी ने जानबूझकर पूर्व से बंद या अवरुद्ध बैंक खातों से पोस्ट-डेटेड चेक (₹7.74 करोड़ और ₹13 करोड़ के) जारी किए, जो ‘Account Closed’ और ‘Blocked Account’ के कारण बाउंस हो गए।

पारिवारिक संपत्तियां गिरवी: ऊँचे लाभ का झांसा देकर विनीत जैन और उनकी माता की दो प्रमुख व्यावसायिक संपत्तियां बैंकों में गिरवी रखवाकर कुल ₹11.15 करोड़ का लोन आरोपी की कंपनी को निवेश के रूप में दिलवाया गया।

करोड़ों का निवेश और निजी ऋणों का भुगतान

जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि शिकायतकर्ता विनीत जैन ने वर्ष 2017 से 2018 के बीच आरोपी दिलीप गुप्ता को विभिन्न किश्तों में कुल ₹6.89 करोड़ की राशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की थी। इसके अलावा, दिलीप गुप्ता ने अपने व्यावसायिक ऋणों और कंपनी की EMI को भी विनीत जैन से ही चुकवाया। वर्ष 2019 से 2021 के बीच विनीत जैन ने आरोपी की कंपनी के ऋण खातों में ₹55,13,498 की राशि ट्रांसफर की।

 टॉप-अप लोन के नाम पर धोखा

धोखाधड़ी को जारी रखने के लिए, दिलीप गुप्ता ने विनीत जैन को कंपनी में निदेशक (डायरेक्टर) बनाने और उनकी संपत्तियों पर टॉप-अप लोन लेने का झांसा दिया। यह आश्वासन दिया गया कि EMI का भुगतान कंपनी करेगी और उन्हें लाभांश अलग से मिलेगा। इस झांसे में आकर विनीत जैन ने अपनी और अपनी माता की संपत्तियों पर ₹2 करोड़ का अतिरिक्त टॉप-अप लोन (कुल ₹11.15 करोड़) लेकर आरोपी की कंपनी को दिया। हालाँकि, कंपनी ने न तो EMI भरी और न ही कोई लाभांश दिया।

 भ्रमित करने के लिए लाभांश का भुगतान

आरोपी दिलीप गुप्ता ने शुरुआती दौर में विनीत जैन का विश्वास बनाए रखने और उन्हें और निवेश के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से वर्ष 2018 से 2020 के बीच ₹91 लाख बतौर लाभांश वापस किए।

 फर्जी शेयर आवंटन और धमकी

जब विनीत जैन ने पैसे के लिए दबाव डाला, तो आरोपी ने जानबूझकर बंद खाते का चेक दिया जो बाउंस हो गया। इसके बाद, आरोपी ने फर्जी कानूनी नोटिस भेजकर विनीत जैन को डराने की कोशिश भी की।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने फर्जी कागजात तैयार किए, जिसमें दिखाया गया कि विनीत जैन की माता और सास को कंपनी के ₹10 मूल्य वाले शेयर ₹12,972 प्रति शेयर की दर से आवंटित किए गए हैं, जिनका कुल मूल्य ₹6.48 करोड़ था। यह पूरी तरह से कूटरचित था क्योंकि कंपनी के दस्तावेज़ों में शेयर का मूल्य ₹10 ही निर्धारित था और जिस दिनांक पर आवंटन का दावा किया गया, उस दिन कोई बोर्ड मीटिंग आयोजित नहीं हुई थी।

EOW द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में सभी आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं, जिसके आधार पर अब आरोपी दिलीप कुमार गुप्ता व उनकी कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

FIR दर्ज किए गए आरोपी:

दिलीप कुमार गुप्ता पिता रामसजीवन गुप्ता (निवासी- परिका सोसायटी, फेस-2, चूना भ‌ट्टी भोपाल)

मेसर्स डीजी मिनरल्स प्रा. लि.

मेसर्स श्री मां सीमेंटेक प्रा. लि.

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