
19 ट्रांजेक्शन में 10.30 लाख का खेल छिंदवाड़ा जिला सहकारी बैंक में गबन पर EOW ने की FIR दर्ज
छिंदवाड़ा (म.प्र.) – आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, जबलपुर (EOW) ने जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक, छिंदवाड़ा में लाखों रुपये के गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है। मामला वर्ष 2015 से 2020 के बीच बैंक के आंतरिक खाते से 10.30 लाख रुपये के कथित गबन से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
वर्ष 2022 में बैंक के लेखा कक्ष में अनियमितताओं की शिकायत EOW को प्राप्त हुई थी। जांच में सामने आया कि बैंक के प्रभारी लिपिक (कंप्यूटर ऑपरेटर) अभिषेक जैन ने बैंक के आंतरिक खाते से NEFT के माध्यम से 19 ट्रांजेक्शन कर कुल 10.30 लाख रुपये अपने निजी खातों में ट्रांसफर किए।
बताया गया कि यह राशि आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक और जिला सहकारी बैंक के कुल चार निजी खातों में स्थानांतरित की गई।
मेकर-चेकर आईडी का दुरुपयोग
जांच में यह भी सामने आया कि अभिषेक जैन ने अपनी ‘मेकर आईडी’ के साथ-साथ ‘चेकर’ के रूप में सहायक प्रबंधक अभय कुमार जैन और लेखा शाखा प्रभारी नीरज जैन की आईडी का उपयोग कर ट्रांजेक्शन पूरे किए।
बैंक की विभागीय जांच में पाया गया कि दोनों अधिकारियों ने जानबूझकर लापरवाही बरती और अपनी आईडी उपलब्ध कराकर षड्यंत्र में सहयोग किया। 5 वर्षों की अवधि में 19 बार बैंक के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई।
इन धाराओं में मामला दर्ज
पूरी जांच के बाद तीनों आरोपियों —
अभिषेक जैन (प्रभारी लिपिक)
अभय कुमार जैन (सहायक प्रबंधक)
नीरज जैन (लेखा शाखा प्रभारी)
के विरुद्ध धारा 409, 120-बी भा.द.वि. एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी) के तहत अपराध क्रमांक 0/2026 दर्ज किया गया है।
EOW द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है।







