मध्य प्रदेश में फिर महंगी हुई बिजली: एफपीपीएएस अधिभार बढ़कर 5.063 प्रतिशत हुआ,जानिए आपके मासिक बिल पर कितना पड़ेगा प्रभाव

मध्य प्रदेश में फिर महंगी हुई बिजली: एफपीपीएएस अधिभार बढ़कर 5.063 प्रतिशत हुआ,जानिए आपके मासिक बिल पर कितना पड़ेगा प्रभाव
भोपाल, यशभारत। राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। मध्य प्रदेश की ऊर्जा कंपनियों ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज यानी ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार में वृद्धि कर दी है। इसके तहत पूर्व में लागू 4.59 प्रतिशत अधिभार को बढ़ाकर अब 5.063 प्रतिशत कर दिया गया है। यह नई दरें 24 सितंबर से प्रभावी हो चुकी हैं, जो 23 अक्टूबर तक जारी होने वाले सभी बिजली बिलों पर लागू रहेंगी।

विद्युत खपत के अनुसार समझें जेब पर अतिरिक्त भार:
100 यूनिट की खपत पर: मासिक बिल में लगभग ₹2.46 की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी।
200 यूनिट की खपत पर: उपभोक्ताओं को लगभग ₹4.12 अधिक देने होंगे।
300 यूनिट की खपत पर: बिल में सीधे ₹7.46 तक की वृद्धि होगी।
500 यूनिट की खपत पर: बड़े घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं को लगभग ₹14.31 का अतिरिक्त वित्तीय भार उठाना पड़ेगा।
क्यों बढ़ाया गया यह अधिभार?
बिजली अधिकारियों के अनुसार, फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज एक अस्थायी समायोजन शुल्क होता है। तापीय विद्युत गृहों (थर्मल पावर प्लांट) के लिए कोयले और ईंधन की दरों में होने वाले उतार-चढ़ाव तथा बाजार से खरीदी गई बिजली की लागत को संतुलित करने के लिए इसे समय-समय पर समायोजित किया जाता है। यह बिजली की मूल दरों में स्थायी वृद्धि नहीं है, लेकिन 23 अक्टूबर तक जारी होने वाले बिलों में उपभोक्ताओं को यह बढ़ी हुई राशि देनी होगी।






