कटनीजबलपुरमध्य प्रदेश

फर्जी डीडी कांड को लेकर बल्लन के यहां ईडी ने मारी थी रेड

रीवा के शराब ठेकेदार पुष्पेन्द्र और बल्लन ने फर्जी डीडी लगाकर 2016 में लिया था शराब का ठेका; 13 डीडी फर्जी पाए जाने के बाद हुआ था मामले का खुलासा, सीआईडी, लोकायुक्त और सीबीआई से होते हुए प्रवर्तन निदेशालय ईडी तक पहुंचा मामला

कटनी, यशभारत। स्लीमनाबाद क्षेत्र के कुख्यात अपराधिक तत्व बल्लन तिवारी के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ईडी द्वारा की गई छापामार कार्यवाही में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक यह पूरा मामला आबकारी विभाग कटनी में वर्ष 2016 में हुए फर्जी डीडी कांड घोटाले से जुड़ा है। करोड़ों रूपए के इस घोटाले की जांच सीआईडी, लोकायुक्त और सीबीआई से होते हुए प्रवर्तन निदेशालय ईडी तक पहुंची। इसी मामले की जांच करने के लिए ईडी की टीम ने स्लीमनाबाद के साथ ही रीवा के शराब ठेकेदार पुष्पेन्द्र सिंह के ठिकानों पर दबिश दी थी।

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उस समय शराब ठेके को लेकर बल्लन एवं पुष्पेन्द्र सिंह ने आबकारी विभाग में कैनरा बैंक की जो डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) जमा की थी, वह फर्जी निकली थी। इस पूरे मामले में शराब ठेकेदारों ने शासन को करीब 4 करोड़ रूपए का नुकसान पहुंचाया था। सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ईडी की टीम ने इस मामले को लेकर बल्लन के स्लीमनाबाद और भोपाल स्थित ठिकानों एवं रीवा में पुष्पेन्द्र सिंह के ठिकानों पर जांच पड़ताल की। शुक्रवार-शनिवार की रात से लेकर कल दोपहर तक की गई जांच पड़ताल में प्रवर्तन निदेशालय ईडी की टीम को कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी है, हालांकि प्रवर्तन निदेशालय ईडी की टीम ने अभी इस मामले में कोई भी खुलासा नहीं किया है, लेकिन संभवत: आने वाले दिनों में इस मामले में नई-नई जानकारियां सामने आएंगी। यह भी पता चला है कि इस मामले में कटनी के साथ ही रीवा के एक शराब ठेकेदार के ठिकानों पर भी दबिश दी गई है। दोनों ही ठेकेदारों ने शराब का ठेका लेने के लिए फर्जी डीडी जमा की थी।

यह था पूरा मामला
वर्ष 2016 में शराब ठेकेदार पिंकू उर्फ पुष्पेन्द्र सिंह को शराब का ठेका मिला था। मार्जिन मनी जमा करने के एवज में 17 डिमांड ड्राफ्ट लगाए गए थे। इन 17 डीडी में से 13 फर्जी पाई गईं थी। आबकारी विभाग में हुए इस बड़े फजी डीडीकांड का मास्टर माइंड स्लीमनाबाद निवासी बल्लन तिवारी था। फर्जी डीडी के आधार पर ही शराब कारोबारी शराब कारोबार कियास। इससे शासन को करीब 4 करोड़ का नुकसान हुआ था। जिस पर लोकायुक्त में भी मामला दर्ज कराया गया था। बल्लन तिवारी उर्फ उमेश दत्त स्लीमनाबाद का निवासी है। इसके आवास पर ईडी ने शुक्रवार-शनिवार की रात रेड मारी। बंधी स्टेशन के पास स्थित घर पर ईडी की टीम ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। ईडी की रेड में घर के साथ ही दूसरे ठिकानों पर भी छापामार कार्रवाई की गई है। ईडी ने जबलपुर की सुखसागर वैली कालोनी में भी छापामार कार्रवाई की है। मनी लॉड्रिंग मामले को लेकर बंधी में बल्लन तिवारी के घर के साथ ही रीवा में शराब कारोबारी पुष्पेन्द्र सिंह के बजरंग नगर स्थित आवास पर भी ईडी ने जांच की। सूत्रों की मानें तो इस जांच में भारी मात्रा में दस्तावेज ईडी के हाथ लगे हैं।
कलेक्टर एवं आबकारी अधिकारी के लोकायुक्त पुलिस ने दर्ज किया मामला
बहुचर्चित फर्जी डीडी कांड के मामले में सरकारी खजाने को छह करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने और पद का दुरुपयोग कर शराब ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के आरोप में जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने कटनी जिले के तत्कालीन कलेक्टर प्रकाश जांगरे एवं आबकारी अधिकारी आर सी त्रिवेदी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था। कलेक्टर और आबकारी अधिकारी द्वारा अर्नेस्ट मनी जमा कराए बगैर ठेकेदारों को शराब दुकानें चलाने की अनुमति दी थी। 25 दिन तक शराब दुकानें बेसिक लासइेंस फीस जमा नहीं होने के बाद भी चलती रही। बताया जाता है कि शराब दुकानों के टेंडर प्रक्रिया के दौरान पुष्पेंद्र सिंह पिंकू और बल्लन तिवारी ने फर्जीवाडे के जरिए 34 डीडी आबकारी विभाग को दी थी। इनमें से 5 करोड़ की 13 डीडी क्लीयर हो गई थी, जबकि 8 करोड़ 20 लाख की डीडी फर्जी होने की बात कहते हुए बैंक प्रबंधन ने क्लीयर करने से इंकार कर दिया था।

बैंक मैनेजर ने की थी आत्महत्या
इस पूरे मामले की जांच जब सीबीआई ने शुरू की तो पता चला कि बैंक कर्मियों ने डीडी बुक से डीडी निकाली और हाथ से भरकर दे दी। इस डीडी को बैंक के कम्प्यूटर में नहीं चढ़ाया गया था। यहीं नहीं जो चार करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था, वो भी कुछ लोगों के फर्जी नाम-पते पर लोन और ओवरड्राफ्ट दिखाकर किया गया था। तब सीबीआई ने बैंक मैनेजर कृष्णदत्त दुबे को गिरफ्तार कर सीबीआई कोर्ट में पेश करते हुए जेल भेजा था। मामले का खुलासा होने के बाद उसने आत्महत्या भी कर ली थी। प्रकरण की पहले सीईडी फिर लोकायुक्त ने जांच की और बाद में यह मामला सीबीआई के पास पहुंच गया था। जांच में घिरे कृष्ण दत्त दुबे तनाव झेल नहीं पाया और उसने मझगवां कॉलोनी के पास से निकली कैनाल में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

 

जबलपुर में भी ईडी का छापा
, सुख सागर के फ्लैट नंबर 44 में  कार्रवाई

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जबलपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने जबलपुर में छापेमारी की है। सूत्रों की माने तो सुखसागर ब्लू के टावर नंबर दो स्थित फ्लैट नंबर 44 में छापेमारी की गई। कार्रवाई को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है।  देर रात तक कार्रवाई जारी रही। ईडी की टीम किस शिकायत पर जांच कर रही है, इस बात का अब तक खुलासा नहीं हुआ है।  बताया जाता है कि ईडी कार्रवाई पूरी होने के बाद मामले का खुलासा करेगी।  कार्रवाई को लेकर यह भी चर्चाएं रही कि शनिवार को सुबह   साढ़े पांच बजे प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) भोपाल की टीम ने कटनी में छापामार कार्रवाई शुरू की थी। स्लीमनाबाद थाना अंतर्गत ग्राम बंधी में दबिश देते हुए शातिर बदमाश बल्लन तिवारी के घर पर पैसे से जुड़े मामले की जांच की गई थी। इसके बाद ही ईडी की एक टीम जबलपुर पहुंची है। मामला बल्लन से जुड़ा है या नहीं इसका फिलहाल पुष्टि नहीं हो पाई है। विदित हो कि बल्लन के ऊपर नकली गुटखा, शराब सहित बड़े स्तर का सट्टा-जुआ चलवाने का आरोप लग चुका है। सुर्खियों में उस वक्त आया जब कटनी करोड़ों रुपये की फर्जी डीडी लगाकर शराब का काम कर डाला था।
दो कारों से पहुंचे ईडी अफसर
सूत्रों की माने तो दिल्ली नंबर की दो गाड़ी ग्वारीघाट क्षेत्र में स्थित सुखसागर ब्लू पहुंची और जांच की। शनिवार रात लगभग 8 बजे प्रवर्तन निदेशालय की टीम सुखसागर ब्लू पहुंची और टावर नंबर 2 के फ्लैट 44 पहुंची और कार्रवाई की। जिस चौथी मंजिल में ईडी के द्वारा यह कार्रवाई की गई है वह फ्लैट सुभाष द्विवेदी नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है।
बिल्डर से जुड़ा हो सकता है मामला
यह मामला नागपुर के एक बिल्डर से जुड़ा हो सकता है। हांलाकि खबर लिखने तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है।
जबलपुर पुलिस के साथ आलीशान घर की जांच
सूत्रों की माने तो भोपाल से ईडी की टीम बल्लन तिवारी के बंधी स्थित बंगले पर पहुंची थी वहां गेट में ताला लटका देख टीम ने उसे तोड़ते हुए कटनी और जबलपुर पुलिस के मदद से आलीशान घर की जांच शुरू की थी। इसके बाद देर रात एक टीम जबलपुर पहुुंची।
दस्तावेज किए गए जप्त
सूत्रों की माने तो कार्रवाई के दौरान ईडी ने  घर को खंगाला इसके साथ ही कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जप्त किए गए।
फरार हो गया था बल्लम
विदित हो कि  बल्लम तिवारी के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। कटनी में शराब ठेके लेने में करोड़ों रुपये की फर्जी डीडी लगाने के मामले से बल्लन तिवारी चर्चा में आया था।  स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में काफी दिनों से शराब तस्कर बल्लन तिवारी द्वारा शराब की तस्करी कराई जा रही थी। और कुछ दिन पूर्व ही जबलपुर आईजी की टीम ने उसके घर में दबिश देकर लाखों रुपए का जुआ पकड़ा था। जिसके बाद से वह फरार हो गया था।

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