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ई-ऑफिस और एआई जैसे नवाचारों पर हुआ मंथन – जनसंपर्क अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

ई-ऑफिस और एआई जैसे नवाचारों पर हुआ मंथन

– जनसंपर्क अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

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भोपाल, यश भारत । जनसंपर्क आयुक्त मनीष सिंह ने कहा है कि सरकार की योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए रचनात्मक कंटेंट तैयार करना सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। समाचार, फीचर, आलेख या एडवर्टोरियल—हर क्षेत्र में बेहतर कंटेंट की मांग बढ़ रही है। उन्होंने अधिकारियों से भाषा की शुद्धता और प्रेस विज्ञप्तियों की लेखन शैली पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
मनीष सिंह शुक्रवार को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में आयोजित जनसंपर्क अधिकारियों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभागीय कामकाज को आधुनिक बनाने के लिए सभी जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली को तेजी से लागू किया जाना चाहिए। साथ ही शासन की जनहितकारी योजनाओं को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने और बेहतर वित्तीय प्रबंधन पर भी जोर दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेशभर के जिला जनसंपर्क अधिकारी और मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। विभिन्न सत्रों में अपर संचालक जीएस वाधवा, संजय जैन, उप संचालक संतोष मिश्रा, सुनील वर्मा, सहायक संचालक राजेश पांडेय, शिवम शुक्ल और अमकेश्वर मिश्रा ने तकनीकी विषयों पर जानकारी दी।
दो दिवसीय प्रशिक्षण में डिजिटल नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ई-एचआरएमएस, कंटेंट मैनेजमेंट, आरटीआई और प्रेस नियमों जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा बजट प्रबंधन, भंडार नियम और पत्रकारों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं पर भी सत्र आयोजित किए गए।
जनसंपर्क विभाग के पूर्व संचालक लाजपत आहुजा ने शासकीय विज्ञापन नीति और प्रभावी जनसंपर्क के लिए विभिन्न माध्यमों के उपयोग पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में एमसीयू के विद्यार्थियों के लिए विभाग की विभिन्न शाखाओं में इंटर्नशिप शुरू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में लेखन कौशल का विशेष महत्व है। उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि वे केवल सरकारी सूचनाओं तक सीमित न रहें, बल्कि सफलता की कहानियों और सकारात्मक पहलुओं पर भी लेखन करें। उन्होंने कहा कि अच्छी तरह से लिखा गया छोटा समाचार भी मीडिया में बड़ा स्थान पा सकता है।

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