मीडिया को देखकर भागे निगम अधिकारी! — बड़े अधिकारियों के मौखिक आदेश पर राइट टाउन स्टेडियम में कब्ज़े की कोशिश, स्मार्ट सिटी ने बताया “कंपनी का क्षेत्र”

जबलपुर। शहर का प्रतिष्ठित राइट टाउन स्टेडियम गुरुवार को प्रशासनिक मनमानी और सत्ता के दबाव का प्रतीक बन गया।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम का अमला बिना किसी लिखित आदेश या अनुमति के स्टेडियम परिसर में पहुंचा और लोहे के खंभे गाड़ते हुए मुख्य प्रवेश द्वार एवं ग्रीन एरिया को बंद करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
यह स्टेडियम स्मार्ट सिटी द्वारा कौंत्येय वेंचर कंपनी को विधिवत लीज़ पर दिया गया है। मौके पर पहुंचे स्मार्ट सिटी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि भी की, बावजूद इसके निगम कर्मियों ने बड़े अधिकारियों के मौखिक निर्देशों का हवाला देते हुए कार्रवाई जारी रखी।
⚡ मीडिया के सवालों पर भागे अधिकारी
विवाद की सूचना पर जब मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे और जवाब-सवाल शुरू किए, तो निगम अधिकारी बिना कुछ कहे तुरंत वहां से भाग खड़े हुए।
किसी ने कोई दस्तावेज़, अनुमति पत्र या लिखित आदेश दिखाने की ज़हमत नहीं उठाई। यह दृश्य स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
🏗️ प्रस्तावित निर्माण को लेकर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, बड़े अधिकारी इस स्थान पर “ऑलंपिक भवन” निर्माण करवाना चाहते हैं और इसी उद्देश्य से इसे “प्रस्तावित स्थल” बताया जा रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि जब राज्य सरकार ने विधिवत लीज़ जारी कर दी और कंपनी कार्य प्रारंभ कर चुकी है, तो निगम किस अधिकार से कब्ज़ा करने की कार्रवाई कर रहा है?
⚠️ हित साधने की चर्चा तेज
खास बात यह है कि ऑलंपिक संघ से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों के रिश्ते नगर के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों से निकट बताए जा रहे हैं, और कैंपस में बने जिम पर लंबे समय से कब्ज़े की भी चर्चा है।
ऐसे में यह कार्रवाई किसे उपकृत करने की कोशिश है, यह अब बड़ा सवाल बन गया है।
🚨 नागरिकों और अभिभावकों ने जताया विरोध
अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई को शक्ति का दुरुपयोग और मनमानी करार देते हुए जांच की मांग की है।
अब देखना यह है कि प्रशासन सच्चाई उजागर करता है या यह मामला भी सत्ता संरक्षण में ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।







