छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: कांग्रेस मुख्यालय तक पहुंचे 860 करोड़ रुपये, ईडी का दावा

रायपुर, यशभारत। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा दावा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित अवैध कमाई के 860 से 880 करोड़ रुपये रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन तक पहुंचाए गए थे। ईडी का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच सक्रिय शराब सिंडिकेट ने आबकारी विभाग और राज्य विपणन निगम की व्यवस्था को प्रभावित कर 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की। हालांकि, ये आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं और इन पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
पूर्व कोषाध्यक्ष के खिलाफ पूरक आरोप पत्र
ईडी ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ 9 अक्टूबर को विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया है। एजेंसी ने रायपुर स्थित उनके दो फ्लैटों को भी अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 9.06 करोड़ रुपये बताई गई है। अग्रवाल को अगस्त में गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
अब तक नौ लोग गिरफ्तार
जांच एजेंसी के अनुसार, शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में अब तक सात आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं और नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, कांग्रेस नेता एवं रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर और रामगोपाल अग्रवाल शामिल हैं।
ईडी का आरोप है कि शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं के जरिए सरकारी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया और अवैध कमाई का नेटवर्क संचालित किया गया। एजेंसी इस मामले में धन के लेन-देन, कथित लाभार्थियों और संबंधित संपत्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
संपत्तियों की कुर्की और जांच जारी
ईडी की कार्रवाई अब कथित अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों तक पहुंच गई है। रामगोपाल अग्रवाल के दो फ्लैटों की अस्थायी कुर्की को इसी कार्रवाई का हिस्सा बताया गया है। धनशोधन के मामलों में जांच एजेंसी कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कुर्क करने की प्रक्रिया अपनाती है।
यह मामला छत्तीसगढ़ में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। ईडी की अब तक की कार्रवाई में गिरफ्तारियां, आरोपपत्र और संपत्तियों की कुर्की शामिल हैं। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश साक्ष्यों और न्यायिक सुनवाई के आधार पर ही होगी।







