चार भूजल स्रोतों में बैक्टीरिया मिलने से हडक़ंप

चार भूजल स्रोतों में बैक्टीरिया मिलने से हडक़ंप
– नगर निगम ने जल उपयोग पर लगाई रोक
भोपाल, यश भारत। राजधानी भोपाल में जल गुणवत्ता को लेकर नगर निगम की ताजा जांच रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। नगर पालिक निगम, भोपाल द्वारा शहर में किए गए जल नमूनों के परीक्षण में चार भूजल आधारित जल स्रोतों में बैक्टीरिया पाए गए हैं। इसके बाद निगम ने एहतियातन आदमपुर छावनी, बाजपेई नगर और खानू गांव क्षेत्र में भूजल स्रोतों से जलप्रदाय पूरी तरह बंद कर दिया है और नागरिकों से इन स्रोतों का पानी उपयोग न करने की अपील की है।
नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार भोपाल शहर में कुल 250 जल नमूनों का परीक्षण किया गया था। इनमें से चार नमूने बैक्टीरिया युक्त पाए गए। जांच में सामने आया कि इनमें से दो नमूने आदमपुर खंती के पास स्थित भूजल स्रोत से, एक नमूना बाजपेई नगर के पास नलकूप से तथा एक नमूना खानू गांव के कुएं से लिया गया था। ये सभी जल स्रोत पूरी तरह भूजल पर आधारित हैं।
रिपोर्ट सामने आने के बाद नगर निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन सभी स्थानों से भूजल के माध्यम से जलप्रदाय रोक दिया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा। इन क्षेत्रों के रहवासियों को स्पष्ट रूप से सूचित किया गया है कि वे इन भूजल स्रोतों से प्राप्त पानी का उपयोग पीने या घरेलू कार्यों के लिए न करें।
स्थानीय नागरिकों में इस खबर के बाद चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि भूजल ही उनकी रोजमर्रा की जरूरतों का प्रमुख साधन रहा है। अचानक जलप्रदाय बंद होने से पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि नगर निगम का दावा है कि प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बैक्टीरिया युक्त पानी के सेवन से दस्त, उल्टी, पेट दर्द और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नगर निगम द्वारा समय रहते की गई जांच और कार्रवाई को जरूरी कदम बताया जा रहा है। निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित जल स्रोतों को पूरी तरह शुद्ध नहीं कर लिया जाता और पुन: परीक्षण में पानी सुरक्षित नहीं पाया जाता, तब तक इनसे जलप्रदाय बहाल नहीं किया जाएगा।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही यदि किसी क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो तत्काल नगर निगम या संबंधित विभाग को सूचना दें। निगम द्वारा आगे भी शहर भर में जल नमूनों की नियमित जांच जारी रखी जाएगी, ताकि भोपालवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।







