भोपाल में तड़के संदिग्ध मांस से भरा ऑटो जब्त, कमल नगर में बढ़ा तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा

भोपाल में तड़के संदिग्ध मांस से भरा ऑटो जब्त, कमल नगर में बढ़ा तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
बजरंग दल-विहिप कार्यकर्ताओं की घेराबंदी के दौरान चालक फरार,
– फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए नमूने, अफवाहों से बचने की अपील
भोपाल, यश भारत। राजधानी भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र स्थित कमल नगर में शुक्रवार तड़के संदिग्ध मांस से भरे एक ऑटो की बरामदगी के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा वाहन को घेरने के दौरान चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही निशातपुरा थाना पुलिस भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए ऑटो और उसमें रखे संदिग्ध मांस को जब्त कर जांच शुरू कर दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मांस के नमूने फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेज दिए हैं।
जानकारी के अनुसार हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को देर रात क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने कमल नगर इलाके में निगरानी बढ़ा दी। शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे एक ऑटो को रोकने का प्रयास किया गया। कार्यकर्ताओं को देखते ही चालक घबरा गया और वाहन सड़क पर छोड़कर अंधेरे का लाभ उठाते हुए फरार हो गया। इसके बाद जब ऑटो की तलाशी ली गई तो उसकी पिछली सीट पर पीले रंग की तिरपाल में लिपटा भारी मात्रा में संदिग्ध मांस मिला।
संदिग्ध मांस मिलने की सूचना कुछ ही देर में पूरे इलाके में फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई कि जब्त किया गया मांस गोवंश का हो सकता है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना वैज्ञानिक जांच के इस संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए भीड़ को समझाइश दी और कानून-व्यवस्था बनाए रखी।
निशातपुरा थाना पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर संदिग्ध मांस के नमूने फोरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मांस किस पशु का है।
जांच के दौरान पुलिस ने ऑटो के पंजीयन नंबर के आधार पर उसके मालिक और फरार चालक की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी क्रम में पुलिस ने एक संदेही के संभावित ठिकाने पर दबिश भी दी, जहां दो गोवंश बंधे हुए मिले। कुछ कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई कि इन पशुओं को भी अवैध वध के उद्देश्य से रखा गया था, लेकिन पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि हर पहलू की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और फोरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या कानून का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।







