भोपालमध्य प्रदेश

MP में एल्डरमैन नियुक्ति: 123 नगर परिषदों में सरकार ने जारी की पहली सूची

चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र की कई नगर परिषदों की सूची फिलहाल होल्ड पर

भोपाल,यशभारत । लंबे इंतजार और कई दौर के मंथन के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने नगरीय निकायों में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) नियुक्तियों की पहली सूची जारी कर दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के 25 जिलों की 123 नगर परिषदों में नियुक्तियां की गई हैं।

ये नियुक्तियां मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 19(1)(ग) के तहत की गई हैं। प्रत्येक नगर परिषद में अधिकतम 4 एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। इनका कार्यकाल संबंधित परिषद के कार्यकाल तक या आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।

किन जिलों में जारी हुई सूची

पहले चरण में सागर, रीवा, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, कटनी, डिंडोरी, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, देवास, रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों की नगर परिषदों में नियुक्तियां घोषित की गई हैं।

हालांकि चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र की कई नगर परिषदों की सूची फिलहाल सहमति न बनने के कारण होल्ड पर रखी गई है।

क्या होते हैं एल्डरमैन

एल्डरमैन परिषद की बैठकों में भाग लेकर सुझाव दे सकते हैं, लेकिन उन्हें मतदान (वोट) का अधिकार नहीं होता। इनकी भूमिका मार्गदर्शक की होती है, न कि निर्णय लेने वाली।

राजनीतिक रणनीति भी अहम

सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों को आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले संगठनात्मक मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर अनुभवी और लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।

इसके पीछे दो प्रमुख उद्देश्य बताए जा रहे हैं—

कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर कर संगठन को मजबूत करना
परिषदों में प्रशासनिक निगरानी और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना

भाजपा ने बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक एक समान फॉर्मूले के तहत 4-4 एल्डरमैन नियुक्त कर संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की है।

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