
अहियापुर में दिल दहला देने वाला नरसंहार: मां और तीन मासूम बच्चों के बंधे शव नदी किनारे मिले, अपहरण के बाद हत्या का आरोप
अहियापुर थाना क्षेत्र में एक मां और उसके तीन मासूम बच्चों की नृशंस हत्या से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। चंदवारा घाट पुल के नीचे बुढ़ी गंडक नदी के किनारे महिला और तीन बच्चों के बंधे हुए शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।
घटना की जानकारी मिलते ही सिटी एसपी, एसडीपीओ टू विनिता सिन्हा और अहियापुर थानाध्यक्ष रोहन कुमार मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कराई। मृतकों की पहचान कृशमोहन कुमार की पत्नी 22 वर्षीय ममता कुमारी, उनके छह वर्षीय बेटे आदित्य कुमार, चार वर्षीय अंकुश कुमार और दो वर्षीय पुत्री कृति कुमारी के रूप में हुई है। स्वजनों ने शव की पहचान करते हुए अपहरण के बाद हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।
10 जनवरी से लापता था पूरा परिवार
परिजनों के अनुसार, 10 जनवरी को अहियापुर थाना में ममता कुमारी और बच्चों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। बखरी सिपाहपुर निवासी कृशमोहन कुमार, जो पेशे से ऑटो चालक हैं, ने बताया कि वे अमरेंद्र कुमार सिंह के मकान में किराये पर रहते हैं। 10 जनवरी की सुबह करीब पांच बजे वे ऑटो चलाने जीरो माइल गए थे। शाम करीब छह बजे लौटने पर उनकी मां ने बताया कि ममता तीनों बच्चों के साथ करीब 11 बजे जीरोमाइल मार्केटिंग के लिए गई थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं।
अपहरण की धमकी भरी कॉल से दहशत
काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो 12 जनवरी की सुबह करीब तीन बजे दो अज्ञात मोबाइल नंबरों से परिजनों को कॉल आया। कॉल करने वालों ने स्वीकार किया कि महिला और बच्चों का अपहरण कर लिया गया है और पुलिस को सूचना देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि अपहरण की जानकारी मिलने के बावजूद पुलिस ने समय पर ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसका नतीजा यह हुआ कि बदमाशों ने चारों की हत्या कर शव नदी में फेंक दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस सक्रिय होती, तो शायद इस जघन्य वारदात को रोका जा सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है, वहीं भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
कई एंगल से जांच, जल्द गिरफ्तारी का दावा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अपहरण, हत्या और धमकी भरे कॉल सहित सभी बिंदुओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। केस के अनुसंधानकर्ता एसआई मिथुन कुमार बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।





