एमपी ईबी का कारनामा :बंद ट्रांसफार्मर का स्थानांतरण करने थमा दिया 2 लाख का एस्टीमेट

चरगवां का मामला
जबलपुर यश भारत| अपनी कार्य प्रणाली को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाला एमपीईबी का अब नया कारनामा सामने आया है यहां बंद पड़े ट्रांसफार्मर का स्थानांतरण करने एमपी ने किस को 2 लाख का एस्टीमेट थमा दिया है जब इस विषय में संबंधित अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने पूरी कार्रवाई से अपने हाथ खींचते हुए कर को न्याय संगत बताया जिससे लगता है की दाल में कुछ काला नहीं बल्कि पूरी की पूरी दाल ही काली है|
जानकारी अनुसार पीड़ित किसान ने बंद ट्रांसफार्मर को 5-7 मीटर दूर रखने के लिए आवेदन दिया था जिसके बाद विभाग ने करीब 2 लाख तक का एस्टीमेट किसान को थमा दिया। पूरा मामला है चरगवां स्थित ग्राम छपरा, बिजोरी का |जहाँ पहले बिना किसान को सूचना दिए उसकी ज़मीन पर ट्रांसफार्मर लगा दिया और जब उसने इसका विरोध किया तो उसे यह कहकर पल्ला झाड़ लिया की मामला उनकी जानकारी में नहीं था कि यह सरकारी भूमि नहीं है और आश्वासन दिया कि जल्दी ही उसे सरकारी ज़मीन पर लगा देंगे। कुछ वर्ष बाद जब वह ट्रांसफार्मर डेड (बंद) हो गया और विभाग ने दूसरे ट्रांसफार्मर से लाइन लेकर शुरू कर दी गई। किसान ने यह याद दिलाया की वह अपनी ज़मीन पर निर्माण कार्य करवाना चाहता है यह बताकर जब विभाग को वादा याद दिलाया तो विभाग के मौजूदा पदाधिकारियों ने उससे कन्नी काट ली और तो और जे.ई. ने करीब 2 लाख का एस्टीमेट बनाकर उसको थमा दिया जिसमे हर एक सामान का व्यय उस किसान को करना पड़ेगा। एक ओर जहाँ मुख्यमंत्री किसानों के हित में फैसले ले रही है वहीँ इस चुनावी मौसम में बिजली विभाग अपनी कार्रवाई को लेकर चर्चा में है| किसान द्वारा बिजली विभाग के चक्कर काट कर अपने ज़मीन से ट्रांसफार्मर बाजू की सरकारी ज़मीन में स्थानांतरण करने की मुहीम में वह ठगा महसूस का रहा है और उसने प्रशासन से ठोस कदम उठाने की अपील की है।
इन्होंने कहा….
नियम के अनुसार एस्टीमेट बनाकर दिया गया है जिस समय यहां ट्रांसफार्मर रखा गया था उसे समय कोई भी आपत्ति दर्ज नहीं करवाई गई थी|
अमित त्रिपाठी जेई, चरगवां