
मप्र मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी पर लगातार कई प्रकार के आरोप लगते रहे हैं। परीक्षाओं में देरी और रिजल्ट घोषित करने में देरी को लेकर छात्रों में आक्रोश बढ़ता रहा है। इसको लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर की समीक्षा बैठक की। सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के सभी संकायों की परीक्षाएं समय पर आयोजित हो सकें और रिजल्ट सही समय पर घोषित हो। इसके लिये नियमानुकूल अकादमिक कैलेंडर तैयार कर निश्चित समयावधि में कार्य पूरा करें। कोरोना काल में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल महाविद्यालयों के स्टूडेंट्स के 03 सालों से प्रभावित परीक्षा कैलेंडर को आगामी 10 महीने की समय सीमा में पूरा करने के भी निर्देश दिये।
मेडिकल कॉलेजों की सम्बद्धता को लेकर दिए निर्देश
मंत्री सारंग ने विश्वविद्यालय द्वारा मेडिकल, दंत चिकित्सा एवं आयुष संकाय के महाविद्यालयों को सम्बद्धता के लिए मुहिम चलाकर काउंसिल और विश्वविद्यालय को संयुक्त औचक निरीक्षण कर सम्बद्धता का पुनर्अवलोकन करने के निर्देश दिए।
नर्सिंग कॉलेजों को सम्बद्धता के लिए दिया जाएगा समय
बैठक में मंत्री श्री सारंग ने सम्बद्धता से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिये रूपरेखा की भी जानकारी ली। इस दौरान मंत्री श्री सारंग ने तीनों काउंसिल के रजिस्ट्रारों को माह में एक बार वीसी के माध्यम से सम्बद्धता के संबंध में बैठक करने के निर्देश दिये।
मार्कशीट, डिग्री, प्रोविशनल तथा माइग्रेशन की स्थिति की दी जानकारी
बैठक में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति डॉ. अशोक खंडेलवाल ने बताया कि मंत्री सारंग ने तीन महीने पहले दिए गए निर्देशों के मुताबिक साल 2022 में 45 हजार अंक-सूचियां, 7 हजार डिग्री सर्टिफिकेट्स, 6 हजार 500 प्रोविशनल सर्टिफिकेट्स एवं लगभग 2 हजार 500 माइग्रेशन सर्टिफिकेट्स प्रिंट कर स्टूडेंट्स को प्रदान किये गये। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि सितंबर-2022 तक घोषित परीक्षा परिणामों की अंक-सूचियां महाविद्यालयों को प्रेषित की जा चुकी हैं।
तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों को भरने दिए निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री श्री सारंग ने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त सभी पदों को भरने के निर्देश दिये, जिससे विश्वविद्यालय के कार्यों में तेजी लाने के साथ ही विद्यार्थियों के पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से जारी रह सके। बैठक में म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति डॉ. अशोक खंडेलवाल, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा जॉन किंग्सली एआर, चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. जितेन शुक्ला सहित विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







