विंध्य-बुंदेलखंड के बीच रेल कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार, मेमू ट्रेन आज होगी प्रारंभ

देवेंद्रनगर से नागौद, सतना और रीवा होते हुए चुरहट तक चलेगी ट्रेन, 26 अक्टूबर से नियमित परिचालन; विद्यार्थियों, कर्मचारियों और कारोबारियों को मिलेगी सुविधा
सतना। विंध्य और बुंदेलखंड के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक नई शुरुआत हुईं। देवेंद्रनगर से चुरहट के बीच चलने वाली आठ कोच की मेमू ट्रेन का शनिवार को वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 3:23 बजे ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस अवसर पर सतना जिले के नागौद और सीधी जिले के चुरहट में स्थानीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ट्रेन का नियमित संचालन 26 अक्टूबर से शुरू होगा।
इस रेल सेवा के शुरू होने से सतना, रीवा, पन्ना और सीधी क्षेत्र के यात्रियों को आवागमन का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। खासकर रोजाना पढ़ाई, नौकरी और व्यापार के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोगों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क बेहतर होने से स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
नागौद और चुरहट में होंगे कार्यक्रम
ट्रेन के शुभारंभ कार्यक्रम को लेकर दोनों स्थानों पर तैयारियां की गई हैं। नागौद में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह और वीडी शर्मा मौजूद रहेंगे। वहीं, चुरहट में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सांसद जनार्दन मिश्रा और राजेश मिश्रा कार्यक्रम में शामिल होंगे। वर्चुअल शुभारंभ के साथ इस नई रेल सेवा की शुरुआत को क्षेत्रीय परिवहन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सप्ताह में छह दिन होगा संचालन
आठ कोच वाली मेमू ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। रविवार को रखरखाव के कारण इसका संचालन नहीं होगा। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन देवेंद्रनगर से सुबह रवाना होकर नागौद, सतना और रीवा होते हुए चुरहट पहुंचेगी। वापसी में यह चुरहट से दोपहर में रवाना होकर रात तक देवेंद्रनगर पहुंचेगी।
यह रहेगा ट्रेन का समय
देवेंद्रनगर से चुरहट
– ट्रेन नंबर: 61629
– प्रस्थान: सुबह 7 बजे
– मार्ग: देवेंद्रनगर–नागौद–सतना–रीवा–चुरहट
– चुरहट पहुंचने का समय: दोपहर 1:15 बजे
चुरहट से देवेंद्रनगर
– ट्रेन नंबर: 61630
– प्रस्थान: दोपहर 3 बजे
– देवेंद्रनगर पहुंचने का समय: रात 9:25 बजे
विद्यार्थियों और कारोबारियों को मिलेगी राहत
इस रेल सेवा से उन यात्रियों को विशेष सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें शिक्षा, रोजगार, सरकारी कामकाज और कारोबार के लिए इन क्षेत्रों के बीच नियमित आना-जाना पड़ता है। सड़क मार्ग पर निर्भरता कम करने के साथ रेल यात्रा लोगों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराएगी। स्थानीय यात्रियों को उम्मीद है कि नई सेवा से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा और विंध्य-बुंदेलखंड के बीच आवागमन को नई गति मिलेगी।







