नगर निगम की अनदेखी से शहर में आवारा कुत्तों का आतंक, देवी दर्शन को निकल रहे श्रद्धालुओं पर खतरा

जबलपुर,यशभारत। संस्कारधानी में नवरात्र पर्व के दौरान जहां मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ सड़कों पर उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर आवारा कुत्तों का बढ़ता जमावड़ा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। शहर की सड़कों, कॉलोनियों और प्रमुख चौराहों के आसपास घूमते कुत्ते राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। आरोप है कि नगर निगम की ओर से इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के कारण हालात लगातार चिंताजनक होते जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब धार्मिक पर्व के दौरान देर रात तक लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है, तब आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अमला क्या कदम उठा रहा है?
देवी दर्शन के लिए निकल रहे परिवारों की बढ़ी चिंता
नवरात्र के दौरान शहर के विभिन्न दुर्गा पंडालों और देवी मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालु देर रात तक पहुंच रहे हैं। कई परिवार छोटे बच्चों के साथ पैदल या दोपहिया वाहनों से देवी प्रतिमाओं के दर्शन करने निकलते हैं। इसी दौरान सड़कों और गलियों में झुंड बनाकर घूमते आवारा कुत्तों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुत्तों के अचानक पीछे दौड़ने या सड़क पर आ जाने से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी पैदा हो सकता है। भय के माहौल में लोगों को यह चिंता सता रही है कि कहीं दर्शन के लिए निकले उनके परिवार के सदस्य या बच्चे इनका शिकार न बन जाएं।
नसबंदी और टीकाकरण अभियान पर उठ रहे सवाल
आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी और टीकाकरण जैसे उपायों की प्रभावी निगरानी जरूरी है। सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भी निर्देश दे चुका है।
आखिर कब जागेगा नगर निगम?
नवरात्र जैसे बड़े धार्मिक पर्व पर जब शहर की सड़कों पर देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है, तब आवारा कुत्तों की समस्या की अनदेखी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। जरूरत है कि नगर निगम संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर प्रभावी निगरानी करे, नसबंदी और टीकाकरण अभियान को गति दे तथा आक्रामक व्यवहार करने वाले कुत्तों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।







