बेटियों की जमीन गिरवी रख 2 करोड़ का लोन, वसूली रोकने के लिए कराया मुकदमा ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर,
बिल्डर जीशान अली और पत्नी नाजनीन के खिलाफ बैंक के 2.07 करोड़ रुपये से अधिक बकाया

भोपाल,यश भारत। बेटियों के नाम दान की जा चुकी जमीन को अपनी संपत्ति बताकर बैंक में गिरवी रखने और करीब 2 करोड़ रुपये का ऋण लेने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बिल्डर जीशान अली और उनकी पत्नी नाजनीन अली के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। पंजाब नेशनल बैंक का 2 करोड़ 7 लाख 86 हजार 807 रुपये से अधिक बकाया है। ईओडब्ल्यू की जांच के अनुसार, ग्राम बावड़ियाकलां स्थित 526.83 वर्गमीटर व्यावसायिक जमीन जीशान अली ने 10 जुलाई 2013 को हिबानामे के जरिए अपनी तीन बेटियों के नाम कर दी थी। इसके बावजूद सितंबर 2015 में इसी जमीन को अपनी संपत्ति बताकर मेसर्स रॉयल हेरिटेज बिल्डर्स के नाम 2 करोड़ रुपये की ओवरड्राफ्ट सीमा स्वीकृत करा ली गई। जमीन के स्वामित्व संबंधी जानकारी बैंक से छिपाने और उसे गिरवी रखने में अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2017 में ऋण खाता एनपीए हो गया। बैंक की वसूली प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही अक्टूबर 2017 में बेटियों की ओर से अदालत में मुकदमा दायर कर जमीन पर उनका अधिकार बताते हुए बैंक की कार्रवाई रोकने की मांग की गई। बैंक ने भी अदालत में इस मुकदमे को मिलीभगत से जुड़ा बताया था।ईओडब्ल्यू ने बैंक, उप-पंजीयक कार्यालय और ऋण वसूली न्यायाधिकरणों के दस्तावेजों की जांच के बाद 14 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।







