जीएसटी में बड़े बदलाव नहीं, अनुपालन प्रक्रिया होगी आसान
1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नए प्रावधान, छोटे करदाताओं को मिलेगी राहत

जबलपुर , यश भारत। 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जीएसटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। बैठक में मुख्य रूप से करदाता अनुपालन, प्रक्रियागत सुधार और प्रशासनिक सुगमता पर जोर दिया गया। कर सलाहकार एडवोकेट नितेश नेमा ने काउंसिल में दिए गए सुझावों को सरल शब्दों में समझाते हुए बताया कि नए प्रावधानों का उद्देश्य कारोबारियों के लिए जीएसटी व्यवस्था को आसान बनाना है। ये बदलाव 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे।
गिरफ्तारी और प्रॉसिक्यूशन को लेकर बदलाव
एडवोकेट नितेश नेमा ने बताया कि जीएसटी अधिकारियों के पास कर चोरी के मामलों में गिरफ्तारी का अधिकार समाप्त करने का प्रस्ताव है। वहीं प्रॉसिक्यूशन की न्यूनतम सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये की जाएगी। इससे छोटे मामलों में आपराधिक कार्रवाई का दायरा कम होगा।
छोटे मामलों में नहीं आएगा नोटिस
उन्होंने बताया कि सामान्य जुर्माने की अधिकतम सीमा 25 हजार से घटाकर 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है। साथ ही 10 हजार रुपये या उससे कम के टैक्स मामलों में जीएसटी नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। रिफंड की पावती की समयसीमा भी 15 दिन से घटाकर 10 दिन की जाएगी।
फेसलेस प्रशासन और ई-कॉमर्स को राहत
नेमा के अनुसार, जीएसटी दरों में बदलाव पर अब साल में केवल एक बार विचार किए जाने का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार वित्तीय वर्ष 2028 तक सीजीएसटी के तहत फेसलेस कर प्रशासन शुरू करने की योजना बना रही है। छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के नियमों को भी सरल किया जाएगा और वास्तविक करदाताओं के हित में इनपुट टैक्स क्रेडिट के नियमों को अधिक लचीला बनाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से करदाताओं पर अनुपालन का बोझ कम होगा और कारोबार करना आसान होगा।







