भारत में सड़क हादसे बने मौत का 10वां बड़ा कारण, हर दिन करीब 500 लोगों की जा रही जान
नई दिल्ली, यश भारत

नई दिल्ली, यश भारत । विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ‘ग्लोबल हेल्थ एस्टीमेट्स’ (GHE) की ताजा रिपोर्ट ने भारत में सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, सड़क हादसे भारत में पुरुषों की मौत का 8वां सबसे बड़ा कारण हैं। वहीं महिलाओं में ऊंचाई या अन्य कारणों से गिरना मौत का 8वां प्रमुख कारण बना हुआ है। कुल मिलाकर सड़क दुर्घटनाएं देश में पुरुषों और महिलाओं दोनों की मौत का 10वां सबसे बड़ा कारण हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर सड़क हादसों में होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा बेहद बड़ा है। वर्ष 2023 में देश में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 1.74 लाख लोगों की मौत हुई थी। यह दुनियाभर में सड़क हादसों में हुई कुल 12.2 लाख मौतों का 14 प्रतिशत से अधिक है।
चिंता की बात यह है कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़े में लगातार कमी नहीं आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर करीब 1.83 लाख तक पहुंच गई। यानी देश में हर दिन औसतन करीब 500 लोगों की मौत सड़क हादसों में हो रही है।रिपोर्ट के आंकड़े सड़क सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर गंभीर चुनौती की ओर इशारा करते हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी हादसों की बड़ी वजह मानी जाती है।
वहीं, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में गिरने की घटनाओं में भी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। वर्ष 2023 में ऐसी घटनाओं में 25,150 लोगों की मौत दर्ज की गई, जो इस तरह की घटनाओं में होने वाली कुल मौतों का करीब 3 प्रतिशत है।WHO के आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं, जब भारत में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यातायात नियमों के सख्त पालन, सुरक्षित सड़कों और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है।






