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नल-जल योजना में भ्रष्टाचार: इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ EOW ने दर्ज की FIR

मऊगंज। जल जीवन मिशन के तहत नईगढ़ी विकासखंड के विभिन्न गांवों में हर घर नल-जल पहुंचाने के नाम पर हुए निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जांच के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तत्कालीन अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि करीब 3.85 करोड़ रुपए का भुगतान ठेकेदार को कर दिया गया, जबकि कई काम मौके पर अधूरे और गुणवत्ताविहीन मिले। योजना के तहत पानी की टंकी, पाइपलाइन, पंप हाउस, सबमर्सिबल पंप, घरेलू नल कनेक्शन, सर्कुलर स्टैंड पोस्ट और बाउंड्रीवाल सहित अन्य निर्माण कार्य नौ माह में पूरे किए जाने थे, लेकिन करीब पांच साल बाद भी कई गांवों में जलप्रदाय शुरू नहीं हो सका।

खटखरी में पहली बार पानी भरते ही गिरी टंकी

जांच के दौरान ग्राम खटखरी में बनाई गई पानी की टंकी के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल सामने आए। बताया गया कि टंकी प्रथम जल भराव के दौरान ही टूटकर गिर गई। इसी तरह स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार पाइपलाइन बिछाने और घरेलू नल कनेक्शन देने का प्रावधान था, लेकिन कई जगह पाइपलाइन गांव के बाहर ही डाल दी गई। घरों के अंदर नल फिटिंग और सर्कुलर स्टैंड पोस्ट तक नहीं बनाए गए।

करह में पांच की जगह एक मोटर मिली

ग्राम करह में पांच सबमर्सिबल मोटर पंप लगाए जाने का प्रावधान था, लेकिन मौके पर केवल एक मोटर मिली। वहीं 740 घरेलू कनेक्शन किए जाने के दावे के बावजूद जांच में एक भी घर के अंदर नल फिटिंग नहीं मिली। ग्राम शिवराजपुर में ओवरहेड टैंक और संपवेल का निर्माण अधूरा पाया गया।

जुड़मनिया रघुनाथ में आधी पाइपलाइन ही बिछी

ग्राम जुड़मनिया रघुनाथ में मुख्य पाइपलाइन तो डाली गई, लेकिन आधे गांव तक ही पाइपलाइन पहुंची। घरों के अंदर किसी प्रकार का कनेक्शन नहीं किया गया था। इसके चलते योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका। EOW के अनुसार कार्य के लिए न्यूनतम निविदा दर से 4.26 प्रतिशत कम दर पर ठेका मेसर्स शिवेन्द्र कुमार तिवारी को दिया गया था। इसके बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग संभाग मऊगंज द्वारा ठेकेदार को करीब 3 करोड़ 85 लाख रुपए का भुगतान किया गया। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से अधूरे एवं गुणवत्ताविहीन कार्यों के बावजूद भुगतान कर दिया गया।

इन पर दर्ज हुआ मामला

EOW ने तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जे.पी. (जनार्दन प्रसाद) द्विवेदी, तत्कालीन सहायक यंत्री संजय पाण्डेय, तत्कालीन उपयंत्री ए.पी. तिवारी और ठेकेदार शिवेन्द्र कुमार तिवारी, संचालक मेसर्स शिवेन्द्र कुमार तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 318(4), 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी), 13(1), 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में EOW द्वारा आगे की जांच की जा रही है।

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