बड़ी खबर : अब बाढ़ का गणित सुलझाएगा IIT चेन्नई: प्रहलाद पटेल की दो टूक—लापरवाही मिली तो नपेंगे जिम्मेदार

रीवा । पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री और रीवा जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल रीवा पहुंचे। उन्होंने राजनिवास सर्किट हाउस में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ सेवा संकल्प अभियान को लेकर बैठक की।इस दौरान जिले में अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान के साथ राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की गई।
प्रभारी मंत्री ने जिले में बाढ़ की स्थिति और उससे निपटने के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी ली। रीवा शहर में बाढ़ की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि नगर निगम आयुक्त की ओर से रिवर फ्लो का तकनीकी अध्ययन कराने का सुझाव दिया गया है।
इस संबंध में चेन्नई आईआईटी के विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी लेने पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि इस बार नदी का प्रवाह किन परिस्थितियों में इतना अधिक क्षेत्र में फैला
ग्रामीण क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण सड़कें खराब होने और आवागमन प्रभावित होने की शिकायतों पर भी प्रभारी मंत्री ने जानकारी ली। हाल ही में ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को खाट और झोली के सहारे ले जाने की तस्वीरें सामने आई थीं।प्रभारी मंत्री ने कहा कि इन मामलों की जांच कराई जाएगी। यह देखा जाएगा कि सड़क की स्थिति क्या थी और एंबुलेंस प्रभावित गांवों तक क्यों नहीं पहुंच पाई।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में कहीं लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और लोगों की समस्याओं के जल्द निराकरण के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा, “अतिवृष्टि और बाढ़ से जिले में जो नुकसान हुआ है, उसकी विस्तृत समीक्षा की गई है। जहां-जहां सड़क और आवागमन की समस्या सामने आई है, वहां अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को खाट या झोली के सहारे ले जाने की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनके संबंध में भी जांच कराई जाएगी। यह देखा जाएगा कि सड़क की स्थिति क्या थी और एंबुलेंस वहां क्यों नहीं पहुंच पाई।यदि कहीं लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।”उन्होंने कहा, “रीवा शहर में बाढ़ के दौरान नदी के प्रवाह को लेकर भी तकनीकी अध्ययन की जरूरत महसूस हुई है। नगर निगम आयुक्त ने रिवर फ्लो का अध्ययन कराने का सुझाव दिया है।
इसके लिए चेन्नई आईआईटी के विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी लेने पर विचार किया जा रहा है, ताकि नदी का प्रवाह इस बार किन परिस्थितियों में इतना अधिक क्षेत्र में फैला, इसका वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन हो सके।”







