
11,000 फीट पर धमाका, फिर भी बच गईं 74 जानें: मोगादिशु फ्लाइट ब्लास्ट की चौंकाने वाली कहानी
दस साल पहले 2 फरवरी 2016 को एक ऐसी घटना हुई, जिसे आज भी विमानन इतिहास के सबसे बड़े चमत्कारों में गिना जाता है। मोगादिशु से जिबूती जा रही डालो एयरलाइंस की फ्लाइट 159 के अंदर एक सोमाली आत्मघाती हमलावर ने धमाका कर दिया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस हमले में सिर्फ हमलावर की ही मौत हुई और विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
संदिग्ध हमलावर की पहचान सोमाली नागरिक अब्दुलाही अब्दिसलाम बोरलेह के रूप में हुई थी। वह विस्फोटक से भरा एक लैपटॉप कंप्यूटर फ्लाइट में लेकर आया था। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया कि हमलावर को पूरी जानकारी थी कि विमान में कहां बैठना है और डिवाइस को किस तरह रखना है, ताकि अधिकतम नुकसान हो सके।
टेकऑफ के 15 मिनट बाद हुआ धमाका
यह विस्फोट फ्लाइट के टेकऑफ के लगभग 15 मिनट बाद हुआ, जब विमान करीब 11,000 फीट (3,350 मीटर) की ऊंचाई पर था। उस समय केबिन पूरी तरह प्रेशराइज नहीं हुआ था, जिसे यात्रियों के बचने की एक बड़ी वजह माना गया।
विमान में हो गया एक मीटर का छेद
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक धमाके से एयरबस A321 के साइड में लगभग एक मीटर का छेद हो गया। धमाके में हमलावर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान की मोगादिशु में इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
अल-शबाब ने ली हमले की जिम्मेदारी
सोमालिया के आतंकी संगठन अल-शबाब ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। संगठन ने दावा किया कि उनका निशाना पश्चिमी अधिकारी और तुर्की की नाटो सेना थे।
अपने बयान में अल-शबाब ने कहा,
हरकत अल-शबाब अल मुजाहिदीन ने सोमालिया के मुसलमानों के खिलाफ पश्चिमी क्रूसेडर और उनकी खुफिया एजेंसियों के अपराधों का बदला लेने के लिए यह हमला किया।
असल निशाना थी टर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट
डालो एयरलाइंस के प्रमुख मोहम्मद इब्राहिम यासीन ओलाद ने बताया कि आत्मघाती हमलावर असल में टर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट में चढ़ने वाला था, लेकिन वह फ्लाइट कैंसिल हो गई थी। फ्लाइट 159 में सवार 74 यात्रियों ने पहले टर्किश एयरलाइंस के साथ चेक-इन किया था, जो सप्ताह में तीन बार सोमालिया के लिए उड़ान भरती है।







