आयुष इंटर्न्स की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग, एमबीबीएस प्रशिक्षुओं के समान भुगतान की उठी आवाज , 15 दिन में निर्णय नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी , वीडियो देखें

आयुष इंटर्न्स की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग, एमबीबीएस प्रशिक्षुओं के समान भुगतान की उठी आवाज
15 दिन में निर्णय नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
भोपाल यश भारत। मध्य प्रदेश के आयुष छात्र छात्राओं ने आयुष प्रशिक्षु चिकित्सकों इंटर्न्स की शिष्यवृत्ति स्टाइपेंड को एमबीबीएस इंटर्न्स के समान किए जाने की मांग की है। इस संबंध में विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आयुष मंत्री प्रमुख सचिव संयुक्त सचिव तथा आयुक्त आयुष संचालनालय के नाम ज्ञापन भेजकर तत्काल स्टाइपेंड संशोधित करने की मांग की है। विद्यार्थियों का कहना है कि प्रदेश में आयुष इंटर्न्स को वर्तमान में 9 383 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है जो वर्तमान महंगाई और चिकित्सा सेवाओं में उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि आयुष इंटर्न्स शासकीय एवं संबंधित चिकित्सालयों में इमरजेंसी ओपीडी आईपीडी लेबर रूम आईसीयू और ओटी सहित विभिन्न सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।

एनसीआईसीएम के विनियम का दिया हवाला , छात्र छात्राओं ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग की फरवरी 2022 की राजपत्र अधिसूचना के विनियम 15 वी का हवाला देते हुए कहा है कि इंटर्नशिप के दौरान प्रशिक्षुओं को संबंधित सरकार के अंतर्गत अन्य चिकित्सा प्रणाली के प्रशिक्षुओं के समान भुगतान किया जाना चाहिए और चिकित्सा प्रणालियों के बीच स्टाइपेंड में विसंगति नहीं होनी चाहिए।

अन्य राज्यों का उदाहरण देकर समान स्टाइपेंड की मांग , ज्ञापन में विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्यों में आयुष इंटर्न्स को दिए जा रहे स्टाइपेंड का उल्लेख करते हुए मध्य प्रदेश में भुगतान की जा रही राशि को कम बताया है। विद्यार्थियों के अनुसार पश्चिम बंगाल में करीब 33099 रुपये ओडिशा में 30 हजार रुपये और तेलंगाना में संशोधन के बाद करीब 29792 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। विद्यार्थियों ने इन आंकड़ों के आधार पर मध्य प्रदेश में भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की है।

एमवीवीएस इंटर्न्स के समान तत्काल संशोधन की मांग , आयुष छात्र छात्राओं की प्रमुख मांग है कि हाल में एमबीबीएस इंटर्न्स के स्टाइपेंड में किए गए संशोधन की तर्ज पर आयुष इंटर्न्स की शिष्यवृत्ति भी तत्काल प्रभाव से संशोधित की जाए। साथ ही संशोधित स्टाइपेंड वर्तमान एवं आगामी सभी आयुष इंटर्न्स पर लागू करने की मांग की गई है। विद्यार्थियों ने शासन से 15 दिन के भीतर सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है। ज्ञापन में कहा गया है कि निर्धारित अवधि में उचित निर्णय नहीं होने पर प्रदेश के आयुष छात्र छात्राएं आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन के साथ एनसीआईएसएम राजपत्र अधिसूचना अन्य राज्यों के स्टाइपेंड आदेश तथा तेलंगाना सरकार के आदेश की प्रतियां संलग्न किए जाने की बात कही गई है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि मध्यप्रदेश के आयुर्वेद इंटर्न की स्टाइपेंड राशि काफी कम है। उनकी मांग वास्तविक और जायज है। विद्यार्थी परिषद उनके साथ खड़ी है और सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।







