कटनी

धार्मिक स्थल से सटकर संचालित शराब दुकान, आस्था पर चोट : सन्यासी बाबा का चबूतरा या मजार, विवाद के बाद प्रशासन से कार्रवाई की मांग, आबकारी विभाग पर भी उठ रही उंगली

कटनी, यशभारत। बरगवां शराब दुकान के बाजू में बंद कमरे में एक धार्मिक स्थल को लेकर नया विवाद सामने आया है। पिछले कुछ दिनों से इसको लेकर लगातार खबरें सामने आ रही है। नजूल जमीन पर बने इस धार्मिक स्थल को लेकर कहा जा रहा है कि यहां उमरिया वाले बाबा की मजार है, जबकि कुछ लोगों का मानना कि कि यह सन्यासी बाबा का चबूतरा है। मामला सामने आने के बाद अब प्रशासन द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है। धार्मिक स्थल के पास शराब दुकान संचालित होने को लेकर भी आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उंगली उठ रही है। यह मामला कलेक्टर के संज्ञान में आ चुका है। लोगों का कहना है कि जब यहां पहले से धार्मिक स्थल है तो फिर शराब दुकान की अनुमति कैसे दी गई। अब शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने के साथ ही धार्मिक स्थल को कब्जामुक्त कराने की मांग भी उठने लगी है। समाजवादी पार्टी भी इस मामले को लेकर मुखर नजर आ रही है। पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. ए के खान ने कहा कि प्रशासन ने जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन किया जाएगा। गौरतलब है कि बरगवां स्थित जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित हो रही है और जहां धार्मिक स्थल है, वह जमीन नजूल की है। इस जमीन पर सालों से कई लोगों के कब्जे है। कुछ भू-स्वामी के हक से वहां पर काबिज है, तो कुछ ने जगह पर किराए पर लिया है। इस जमीन को लेकर पिछले कई सालों से विवाद भी सामने आते रहे हैं। शराब दुकान के पीछे खदान है और कुछ समय पहले शिकायत सामने आई थी कि कतिपय लोगों ने खदान की जमीन पर भी कब्जा कर लिया है। इस जमीन की रजिस्ट्री में भी कई तरह की शिकायतें सामने आई थी। जो लोग यहां पर सालों से काबिज है, उनके पास न तो रजिस्ट्री है और न पट्टा। हालांकि नगर निगम को हर साल टैक्स जरूर जमा किया जाता रहा है। सवाल यह है कि क्या केवल टेक्स रसीद के आधार पर नजूल भूमि पर काबिज हुआ जा सकता है।
आबकारी नियमों का उल्लंघन
अब इस जमीन में ताजा मामला धार्मिक स्थल को लेकर सामने आया है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल को इस तरह बंद कमरे में नहीं चाहिए। धार्मिक स्थल को चार दिवारी में बंद कर उसके बगल से शराब दुकान संचालित होने से लोगों की आस्था से खिलवाड़ हो रहा है। आबकारी नियमों की बात करें तो किसी धार्मिक स्थल से 100 मीटर दूरी पर ही शराब दुकान होना चाहिए लेकिन आबकारी विभाग ने इस नियम का पालन नहीं किया।
हर रोज कराई जा रही पूजा : पंकज राय
भू-स्वामी पंकज राय ने यशभारत से बात करते हुए कहा कि जिस स्थान पर धार्मिक स्थल बना हुआ है, वह मझार नहीं है। वह सन्यासी बाबा का चबूतरा है। उन्होंने इस जमीन को क्रय करने के बाद सन्यासी बाबा के चबूतरे को व्यवस्थित किया, इसके साथ ही यहां नियमित रूप से पूजा अर्चना की जाती है। श्री राय ने यह भी कहा कि सन्यासी बाबा के चबूतरे के पास खड़ाऊ भी रखी हुई है। जिससे यह बात सामने आती है कि यह स्थान सन्यासी बाबा का है।
इनका कहना है
बरगवां शराब दुकान की जमीन का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। यह पूरी नजूल भूमि है। कुछ हिस्सा रेलवे का भी है। शराब दुकान के पास धार्मिक स्थल की भी बात सामने आई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
-आशीष तिवारी, कलेक्टर

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