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मीटर निकलने के बाद भी डायरेक्ट बिजली जलाना पड़ा भारी, दो बिजली चोरी के आरोपियों को जेल

जबलपुर, यश भारत। बिजली चोरी के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत विद्युत विभाग ने बकाया राशि वसूली और पुराने बिजली चोरी के मामलों में कार्रवाई तेज कर दी है। लोक अदालत के बाद भी विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में मीटर निकलने के बावजूद डायरेक्ट बिजली का उपयोग करने के मामले में विशेष न्यायालय के वारंट पर एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

घोड़ा नक्कास, हनुमानताल निवासी एजाज अहमद के परिसर में पहले विद्युत कनेक्शन पर मीटर लगा था। बिजली बिल जमा नहीं करने के कारण सितंबर 2023 में 97,665 रुपये की बकाया राशि हो गई थी। इसके बाद विभाग ने मीटर निकालकर कनेक्शन स्थायी रूप से विच्छेदित कर दिया था। इसके बावजूद आरोपी द्वारा कथित रूप से अनधिकृत तरीके से बिजली का उपयोग किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत के आधार पर क्षेत्र की कनिष्ठ अभियंता आकांक्षा परिहार ने 21 दिसंबर 2023 को परिसर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान मीटर निकला हुआ मिला, लेकिन इसके बाद भी परिसर में डायरेक्ट बिजली का उपयोग किया जा रहा था। विभाग ने धारा 135/138 के तहत पंचनामा तैयार कर प्रकरण विशेष न्यायालय में पेश किया था।विशेष न्यायालय द्वारा मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। वारंट के आधार पर हनुमानताल थाना पुलिस और विद्युत विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एजाज अहमद को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया।

पुराने बिजली चोरी के मामले में भी गिरफ्तारी

इसी तरह माढ़ोताल के राजीवनगर निवासी नरेश राठौर के खिलाफ वर्ष 2017 में दर्ज बिजली चोरी के मामले में भी कार्रवाई की गई। प्रकरण में निर्धारित पेनाल्टी राशि जमा नहीं करने पर विशेष न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। पुलिस ने वारंट के आधार पर नरेश राठौर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे भी जेल भेज दिया गया।

विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी और बकाया राशि से जुड़े मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

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