खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई: होटलों में औचक छापेमारी, पनीर-आटा सहित कई नमूने जब्त; अनियमितता पर मिला नोटिस

सागर, यशभारत l आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) मध्य प्रदेश के आदेश और कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशन में जिलेवासियों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के एक संयुक्त दल ने बीना के प्रमुख होटलों और रेस्टोरेंटों में अचानक दबिश देकर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए और स्वच्छता से जुड़ी अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाया।
विभिन्न प्रतिष्ठानों से लिए गए सैंपल
निरीक्षण के दौरान संयुक्त टीम ने होटल कलश के किचन व स्टोरेज एरिया की बारीकी से जांच की और यहां से उपयोग में लाए जा रहे पनीर का विधिक नमूना लिया। इसके अलावा होटल कार्तिक से चना मसाला, आटा एवं चावल के सैंपल संग्रहित किए गए।
होटल श्री राम में गंदगी और लापरवाही पर नोटिस
जांच दल जब होटल श्री राम पहुंचा, तो वहां भारी अनियमितताएं देखने को मिलीं। किचन के फर्श पर गंदा पानी जमा था और रेफ्रिजरेटर में पके व कच्चे खाद्य पदार्थ एक साथ असुरक्षित तरीके से रखे गए थे। इसके अतिरिक्त, प्रतिष्ठान में खाद्य लाइसेंस प्रदर्शित नहीं था और न ही जांच टीम को कोई आवश्यक दस्तावेज दिखाए गए। इन गंभीर कमियों को देखते हुए संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत ‘सुधार नोटिस’ जारी किया गया है।
साफ-सफाई और दस्तावेजों को लेकर सख्त निर्देश
अधिकारियों ने सभी होटल व रेस्टोरेंट संचालकों को बारिश के मौसम में खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण और नियमित साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की ताकीद की। साथ ही, सभी कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, नियमित पेस्ट कंट्रोल, पानी की लैब टेस्टिंग रिपोर्ट और NABL अधिकृत लैब की जांच रिपोर्ट अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए गए।
प्रयोगशाला भेजी गई जांच रिपोर्ट
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि एकत्र किए गए सभी नमूनों को परीक्षण के लिए ‘राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला’ भेजा जा रहा है। लैब से रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई भी नमूना अधोमानक या असुरक्षित पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में यह जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।







